दिवाली 2026 (8 नवंबर) के लिए Indian Railways ने **60** दिन पहले ही एडवांस बुकिंग विंडो खोल दी है। भीड़ को देखते हुए Northern Railway ने स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, हालांकि यह रेल नेटवर्क की बढ़ती चुनौतियों और ऊंचे खर्चों की ओर भी इशारा करता है।
इंडियन रेलवे ने 6 सितंबर 2026 से दिवाली के लिए रिजर्वेशन विंडो खोल दी है। त्योहारों के सीजन में यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए Northern Railway ने दिल्ली और अन्य बड़े मेट्रो शहरों से बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब के लिए कई स्पेशल ट्रेनें शुरू की हैं।\n\n### इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव\nत्योहारी सीजन में होने वाली यह बुकिंग यह दिखाती है कि रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर किस कदर फुल कैपेसिटी पर काम कर रहा है। रेलवे को लगातार पैसेंजर ट्रेनों और कमाई के मुख्य जरिया यानी फ्रेट (Freight) ऑपरेशंस के बीच संतुलन बनाना पड़ता है, जो एक बड़ी चुनौती है।\n\n### फाइनेंशियल हेल्थ का गणित\nवित्तीय वर्ष 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो 98.43% पर खड़ा है। इसका मतलब यह है कि रेलवे हर ₹1 कमाने के लिए 98.43 पैसे खर्च कर रही है। इससे साफ है कि नई परियोजनाओं के लिए रेलवे के पास इंटरनल सरप्लस की बहुत कमी है और वह काफी हद तक सरकारी मदद या कर्ज पर निर्भर है।\n\n### IRFC और निवेशकों के लिए संकेत\nIndian Railway Finance Corporation (IRFC) जैसे संस्थानों का बिजनेस सीधे रेलवे की इन जरूरतों से जुड़ा है। अगर पैसेंजर डिमांड के कारण रेलवे को नए कोच या ट्रैक के लिए निवेश बढ़ाना पड़ा, तो IRFC की भूमिका और अहम हो जाएगी। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल ऑपरेशंस ही नहीं, बल्कि फ्रेट रेवेन्यू ग्रोथ और खर्चों पर भी नजर रखें, क्योंकि यही रेलवे के लॉन्ग टर्म मार्जिन्स तय करेंगे।
