Federation of Indian Airlines (FIA) ने सरकार से तुरंत इमरजेंसी क्रेडिट सहायता की मांग की है। West Asia में तनाव के चलते Aviation Turbine Fuel की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, जिससे IndiGo और Air India जैसी कंपनियों पर भारी दबाव बना हुआ है।
नकदी का संकट और सरकारी मदद की गुहार
Federation of Indian Airlines (FIA), जिसमें Air India, IndiGo और SpiceJet जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं, ने Civil Aviation Ministry से Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) 5.0 के तहत फंसे हुए फंड को तुरंत जारी करने की अपील की है। इंडस्ट्री का कहना है कि बैंक पूरा क्रेडिट देने में हिचकिचा रहे हैं, जिससे कंपनियों के पास ऑपरेशनल खर्च चलाने के लिए नकदी की भारी किल्लत हो गई है।
क्यों बढ़ रहा है दबाव?
अप्रैल 2026 से जारी West Asia के तनाव ने एविएशन सेक्टर की कमर तोड़ दी है। एयरस्पेस पर पाबंदियों के कारण विमानों के रूट लंबे हो गए हैं, जिससे फ्यूल की खपत बढ़ गई है। इसके अलावा, रुपये में कमजोरी के कारण विमानों की लीजिंग, इंश्योरेंस और मेंटेनेंस का डॉलर-लिंक्ड खर्च भी काफी महंगा हो गया है।
फ्यूल की कीमतें और निवेशकों पर असर
1 अक्टूबर 2026 तक Aviation Turbine Fuel (ATF) का भाव करीब ₹137 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जो सीधे मार्जिन पर चोट कर रहा है। फ्यूल की कीमतों में महीने-दर-महीने 14% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस दबाव को देखते हुए IndiGo ने 6 अक्टूबर 2026 से अपने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया है।
अब निवेशकों की नजर सरकार के जवाब और एयरलाइंस की उस क्षमता पर होगी, जिससे वे पैसेंजर डिमांड को प्रभावित किए बिना बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकें। यदि जल्द राहत नहीं मिली, तो आगामी ट्रैवल सीजन में फ्लाइट कैपेसिटी में कटौती की भी आशंका है।
