Flydubai की हालिया सुरक्षा घटना के बाद Civil Aviation Ministry एक्शन मोड में है। देश के **8** बड़े एयरपोर्ट्स पर अब मिलिमीटर-वेव फुल-बॉडी स्कैनर्स को तेजी से इंस्टॉल किया जाएगा ताकि सुरक्षा खामियों को दूर किया जा सके।
Flydubai की फ्लाइट में 30 सितंबर, 2026 को हुई सुरक्षा चूक के बाद मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। कैप्टन समित मच्छार द्वारा एक बड़ी दुर्घटना टालने के बाद, अब सरकार सुरक्षा बुनियादी ढांचे को अपडेट करने पर जोर दे रही है।
नई टेक्नोलॉजी और प्राइवेसी
सरकार अब पारंपरिक मेटल डिटेक्टर्स की जगह 'मिलिमीटर-वेव टेक्नोलॉजी' ला रही है, जो शरीर पर छिपी किसी भी धातु या गैर-धातु वस्तु को पकड़ने में सक्षम है। प्राइवेसी की चिंताओं को देखते हुए, मंत्रालय ने इन स्कैनर्स को 'पिक्चर-अग्नोस्टिक' रखने का आदेश दिया है, यानी ये यात्रियों की संवेदनशील फोटो के बजाय सिर्फ एक सामान्य बॉडी मॉडल दिखाएंगे।
एयरपोर्ट ऑपरेटरों के लिए क्या हैं मायने?
ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने 3 एयरपोर्ट्स पर पहले ही हार्डवेयर पहुंचा दिया है और बाकी 5 जगहों पर भी जल्द काम पूरा करने का लक्ष्य है। निवेशकों के लिए यह डेवलपमेंट महत्वपूर्ण है, क्योंकि नई सुरक्षा जरूरतों से एयरपोर्ट कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) में बढ़ोतरी हो सकती है। अब मार्केट की नजर इस पर है कि कंपनियां कैसे अपनी परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) और पैसेंजर फ्लो को इन नए प्रोटोकॉल्स के साथ मैनेज करती हैं।
