एयरपोर्ट यात्रियों को मिली बड़ी राहत
भारतीय एयरपोर्ट रेगुलेटर, एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AERA), ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए यात्री शुल्क (User Development Fees - UDF) में भारी कटौती का ऐलान किया है। इसके तहत, डोमेस्टिक यात्रियों को अब ₹620 का भुगतान करना होगा, जो कि एयरपोर्ट ऑपरेटर द्वारा मांगे गए ₹742 से कम है। इसी तरह, इंटरनेशनल यात्रियों के लिए शुल्क घटाकर ₹1,225 कर दिया गया है, जबकि पहले यह ₹1,467 प्रस्तावित था। ये नए शुल्क 2025-30 तक लागू रहेंगे, जिससे हवाई यात्रा पहले से ज़्यादा सस्ती हो जाएगी।
ऑपरेटर की कमाई में भारी कटौती
यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्क के अलावा, AERA ने एयरपोर्ट ऑपरेटर के एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (ARR) को भी लगभग आधा कर दिया है। रेगुलेटर ने ARR को ₹14,087 करोड़ तय किया है, जो कि NMIAL द्वारा अनुमानित ₹28,290 करोड़ से काफी कम है। इस फैसले का मकसद नए इंफ्रास्ट्रक्चर में ऑपरेटर के निवेश और यात्रियों के लिए किफ़ायती यात्रा की कीमतों के बीच संतुलन बनाना है। ARR में इस कमी का सीधा असर एयरपोर्ट ऑपरेटर के 2025-30 के कंट्रोल पीरियड के दौरान अनुमानित रेवेन्यू पर पड़ेगा और यह उनके निवेश पर रिटर्न (ROI) के लक्ष्यों को भी प्रभावित कर सकता है।
भविष्य की एयरपोर्ट परियोजनाओं पर असर?
AERA के इस कड़े रुख से भविष्य में भारत में शुरू होने वाली अन्य एयरपोर्ट परियोजनाओं पर भी नियामक की पैनी नज़र का संकेत मिल सकता है। ऐसी परियोजनाओं को भी अपने शुल्क प्रस्तावों को तदनुसार समायोजित करने की आवश्यकता हो सकती है। NMIAL की रेवेन्यू रिक्वायरमेंट में कटौती से इसके भविष्य के विस्तार की योजनाओं और ऐसे प्रोजेक्ट्स में प्राइवेट निवेशकों की दिलचस्पी पर सवाल खड़े हो सकते हैं। इंडस्ट्री अब NMIAL की प्रतिक्रिया का इंतज़ार करेगी, जिसमें लागत-कटौती के उपाय या पुन: बातचीत के प्रयास शामिल हो सकते हैं, और यह देखना होगा कि यह निर्णय भारत की व्यापक एयरपोर्ट विकास योजनाओं को कैसे प्रभावित करता है।
