भारत सरकार ने पश्चिम एशिया के साथ अपने समुद्री व्यापार को सुरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत, पश्चिम एशिया की ओर जाने वाले सभी भारतीय माल (कार्गो) का बीमा किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय संघर्षों के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान से सुरक्षा प्रदान करना और व्यापार को लगातार जारी रखना है।
'भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल' (Bharat Maritime Insurance Pool) के तहत, शुरुआती $100 मिलियन तक के नुकसान को कवर किया जाएगा। यदि नुकसान इस राशि से अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि की भरपाई सरकार की सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) से की जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग अप्रभावित रहें।
यह योजना ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है, जिसने ऊर्जा आपूर्ति और माल ढुलाई को गंभीर रूप से बाधित किया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) जैसे प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट पर नाकेबंदी और सुरक्षा खतरों के कारण कई जहाज, जिनमें भारत की ओर जा रहे जहाज भी शामिल हैं, फंसे हुए हैं। भारत ईरान के साथ मिलकर फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजारने में मदद कर रहा है।
इस नई सुरक्षा योजना में प्रमुख भारतीय कंपनियों ने भी अपना सहयोग दिया है। वेदांता (Vedanta) की स्टरलाइट कॉपर (Sterlite Copper), बलरामपुर चीनी मिल्स (Balrampur Chini Mills), और होगर ऑफशोर एंड मरीन प्राइवेट लिमिटेड (Hoger Offshore and Marine Pvt. Ltd.) जैसी कंपनियों ने 'भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल' में भागीदारी की है। इस व्यापक समर्थन से पूल की क्षमता और व्यापारिक समुदाय में विश्वास बढ़ने की उम्मीद है।
