India-Russia Air Traffic: भारत और रूस के बीच हवाई सफर में **29%** का उछाल, ट्रैवल सेक्टर के लिए नई उम्मीदें

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
India-Russia Air Traffic: भारत और रूस के बीच हवाई सफर में **29%** का उछाल, ट्रैवल सेक्टर के लिए नई उम्मीदें

साल 2026 के शुरुआती आठ महीनों में भारत और रूस के बीच एयर ट्रैफिक में **29%** की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। कुल **1,85,000** यात्रियों ने यात्रा की है, जिसके पीछे टूरिज्म, एजुकेशन और बिजनेस एक्टिविटीज मुख्य वजह हैं।

भारत और रूस के बीच हवाई यात्रियों की संख्या में आई यह 29% की तेजी दोनों देशों के बढ़ते कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों का परिणाम है। दिल्ली और मॉस्को के बीच का हवाई मार्ग इस सफर का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

एयरलाइन कनेक्टिविटी और बिजनेस

इस रूट पर Aeroflot का दबदबा है, जिसने जनवरी से अगस्त 2026 के बीच मॉस्को-दिल्ली रूट पर 1,31,000 यात्रियों को सेवा दी है। यह पिछले साल के मुकाबले 22% ज्यादा है। गोवा जैसे पर्यटन स्थलों के लिए भी सीजनल फ्लाइट्स बढ़ाई गई हैं, जो ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए निवेश के नए अवसर खोल रही हैं।

यात्रा के पीछे के पक्के कारण

पर्यटन के अलावा, रूस में पढ़ाई कर रहे करीब 40,000 भारतीय छात्र इस एयर ट्रैफिक के लिए एक 'स्टेबल बेस' तैयार करते हैं। इसके अलावा, सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम जैसे आयोजनों ने बिजनेस ट्रैवल को नई रफ्तार दी है।

सरकारी प्रयास और चुनौतियां

रूस के फर्स्ट डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंतुरोव के अनुसार, ई-वीजा प्रोग्राम और 'इंडिया फ्रेंडली' हॉस्पिटैलिटी स्टैंडर्ड ने इस ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाई है। हालांकि, निवेशकों को एक बात समझनी होगी—रूस के एविएशन सेक्टर पर लगे इंटरनेशनल सैंक्शंस के कारण स्पेयर पार्ट्स की किल्लत जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, जिसका असर भविष्य की फ्लाइट्स की रिलायबिलिटी और कंपनी के मार्जिन पर पड़ सकता है।

आने वाले समय में, BRICS की अध्यक्षता के दौरान कनेक्टिविटी पर बढ़ता जोर इस सेक्टर में डिमांड को साल 2027 तक बनाए रख सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.