रेलवे का मेगा प्लान और निवेश के दो पहलू
भारत सरकार रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर-शोर से खर्च कर रही है। चालू फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹2.93 लाख करोड़ का बड़ा बजट आवंटित किया गया है। इस भारी निवेश का सीधा फायदा Titagarh Rail Systems जैसी कंपनियों को मिल रहा है, जो मालगाड़ी के डिब्बे, यात्री कोच और मेट्रो सिस्टम बनाती हैं। Titagarh के पास ₹27,755 करोड़ की बड़ी ऑर्डर बुक है।
लेकिन, इस सेक्टर में एक और कहानी है - RailTel Corporation of India की। RailTel रेलवे के लिए जरूरी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे कि सिग्नलिंग और ट्रेन ट्रैकिंग के लिए फाइबर नेटवर्क का संचालन करती है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3,478 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹300 करोड़ दर्ज किया गया।
Titagarh Rail Systems: ऑर्डर तो हैं, पर प्रॉफिट की चिंता
Titagarh Rail Systems के शेयर में पिछले एक साल में करीब 22.2% की गिरावट आई है। कंपनी का P/E रेश्यो 42-47x और EV/EBITDA 24x के आसपास है, जो इसके प्रतिस्पर्धियों Rites (P/E ~21x) और Texmaco Rail (P/E ~19x) से काफी ज्यादा है। कई एनालिस्ट ने हाई वैल्यूएशन और कमजोर नतीजों के चलते 'Sell' या 'Strong Sell' की रेटिंग दी है।
कंपनी की चौथी तिमाही (Q4 FY25) का रेवेन्यू ₹1,035.40 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹64.40 करोड़ रहा। लगातार पांचवीं तिमाही से मुनाफे में गिरावट देखी जा रही है, और Q3 FY26 में प्रॉफिट सिर्फ ₹55.72 करोड़ था। कंपनी को वर्किंग कैपिटल की बढ़ती जरूरतें, ग्राहकों से पेमेंट मिलने में देरी (डेब्टर डेज 50.1 से बढ़कर 63.3 हो गए) और प्रमोटर होल्डिंग में कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।