इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल पहलों का असर
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे बंदरगाहों के आधुनिकीकरण (Modernization) में किए गए बड़े निवेश, अंतर्देशीय (Inland) क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी (Connectivity) और डिजिटल टेक्नोलॉजी (Digital Technologies) को अपनाने जैसी महत्वपूर्ण पहलें रही हैं।
इन रणनीतिक सुधारों (Strategic Improvements) ने जहाजों के टर्नअराउंड टाइम (Turnaround Time) को काफी कम कर दिया है, जिससे बंदरगाहों के लिए बढ़ते कार्गो वॉल्यूम को कुशलतापूर्वक संभालना संभव हो पाया है।
प्रमुख पोर्ट्स का दबदबा और ग्रोथ
वित्तीय वर्ष 2025-26 में, Deendayal Port Authority कार्गो हैंडलिंग में सबसे आगे रहा, जिसने 160.11 MT संभाला। इसके बाद Paradip Port Authority 156.45 MT के साथ दूसरे स्थान पर और Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) ने 102.01 MT कार्गो का प्रबंधन किया।
सबसे खास बात यह है कि Mormugao Port Authority ने उच्चतम 15.91% की साल-दर-साल (Year-on-Year) ग्रोथ दर्ज की। Kolkata Dock System (14.28%) और JNPA (10.74%) ने भी प्रभावशाली वृद्धि दिखाई।
इन संयुक्त प्रयासों से कुल 915.17 मिलियन टन कार्गो को संभाला गया, जिसने वार्षिक लक्ष्य को 7.06% के बड़े अंतर से पार कर लिया।
मंत्री ने की रणनीतिक प्रगति की सराहना
केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सरकार की समुद्री इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और लॉजिस्टिक्स (Logistics) को सुव्यवस्थित करने की सफल रणनीति को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि ये प्रगति भारत के व्यापार वॉल्यूम (Trade Volume) और वैश्विक स्तर पर उसकी स्थिति (Global Standing) को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह निरंतर प्रदर्शन (Consistent Performance) क्षेत्र की बढ़ती क्षमता (Expanding Capacity) और देश की आर्थिक प्रगति (Economic Progress) में इसके मौलिक योगदान का प्रमाण है।