सरकार ने ओडिशा के पुरी में **₹1,500 करोड़** की लागत से एक इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल बनाने की मंजूरी दे दी है। Paradip Port Authority द्वारा विकसित होने वाला यह प्रोजेक्ट न केवल टूरिज्म को बढ़ावा देगा, बल्कि कोस्टल फ्रेट मूवमेंट को भी नई रफ्तार देगा।
मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज ने पुरी में इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल के लिए ₹1,500 करोड़ के निवेश पर आधिकारिक मुहर लगा दी है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को Paradip Port Authority और ओडिशा सरकार मिलकर पूरा करेंगे। यह पहल 'Cruise Bharat Mission' का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य साल 2029 तक सालाना 10 लाख क्रूज पैसेंजर्स के आंकड़े को छूना है।\n\n### लॉजिस्टिक्स में बड़ा बदलाव\n\nइस टर्मिनल का मकसद सिर्फ टूरिज्म नहीं, बल्कि देश की लॉजिस्टिक्स रणनीति को मजबूत करना भी है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक कोस्टल और इनलैंड वॉटरवे फ्रेट की हिस्सेदारी को मौजूदा 6% से बढ़ाकर 12% तक ले जाना है। सड़क और रेल मार्ग से कार्गो मूवमेंट को समुद्री रास्तों पर शिफ्ट करने से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। पिछले 12 साल में कोस्टल कार्गो का वॉल्यूम 7.4 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर 17.7 करोड़ मीट्रिक टन हो गया है।\n\n### निवेशकों के लिए अहम जानकारी\n\nParadip Port Authority एक सरकारी संस्था है, इसलिए इस खबर का शेयर बाजार पर कोई सीधा असर नहीं होगा। हालांकि, यह सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग में बढ़ोतरी के बड़े ट्रेंड को दर्शाता है। फिलहाल, WAPCOS Limited को इस प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है। आगे की राह जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और निर्माण कार्यों के लिए मिलने वाले कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर करेगी।
