India Logistics Sector: अब टेक्नोलॉजी से बदलेगी लॉजिस्टिक्स की सूरत, 2030 तक **$350 बिलियन** का लक्ष्य

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AuthorMehul Desai|Published at:
India Logistics Sector: अब टेक्नोलॉजी से बदलेगी लॉजिस्टिक्स की सूरत, 2030 तक **$350 बिलियन** का लक्ष्य

भारत का **$228 बिलियन** का लॉजिस्टिक्स सेक्टर अब तेजी से बदल रहा है। 2030 तक **$350 बिलियन** के वैल्यूएशन को छूने के लिए कंपनियां अब मैन्युअल लेबर की जगह टेक-सैवी 'ग्रे-कॉलर' प्रोफेशनल्स पर दांव लगा रही हैं।

सप्लाई चेन में टेक्नोलॉजी का बढ़ता दबदबा

भारतीय लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पुरानी ढर्रे की मैन्युअल लेबर वाली कार्यप्रणाली अब पीछे छूट रही है। $228 बिलियन से $350 बिलियन तक का सफर तय करने के लिए अब 'ग्रे-कॉलर' प्रोफेशनल्स की जरूरत है, जो ग्राउंड ऑपरेशंस के साथ-साथ AI-पावर्ड डैशबोर्ड और रीयल-टाइम इन्वेंट्री ट्रैकिंग सिस्टम को भी बखूबी संभाल सकें।

ऑपरेशन्ल एफिशिएंसी और मार्जिन का खेल

आजकल सप्लाई चेन में प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल इन्वेंट्री मैनेजमेंट के लिए हो रहा है, वहीं ड्रोन और रोबोटिक्स जैसे ऑटोनॉमस टूल्स काम को आसान बना रहे हैं। इन्वेस्टर्स के लिए यह एक बड़ा संकेत है, क्योंकि टेक्नोलॉजी सीधे तौर पर कंपनी के बॉटम-लाइन को प्रभावित करती है। हालांकि, ऑटोमेशन तभी कारगर है जब उसे चलाने वाला वर्कफोर्स डेटा को इंटरप्रेट (interpret) कर सके। बिना स्किल्ड मैनपावर के, टेक्नोलॉजी का पूरा फायदा मिलना मुश्किल है।

वर्कफोर्स रिटेंशन: सबसे बड़ी चुनौती

लॉजिस्टिक्स कंपनियों के सामने सबसे बड़ी बाधा हाई एट्रिशन (employee turnover) है। बार-बार स्टाफ बदलने से ट्रेनिंग कॉस्ट बढ़ती है और मार्जिन पर बुरा असर पड़ता है। इसे देखते हुए कंपनियां अब मोबाइल-फर्स्ट ट्रेनिंग और गेमिंग-बेस्ड लर्निंग ऐप्स पर फोकस कर रही हैं। यह पहल नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (National Apprenticeship Promotion Scheme) जैसी सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर वर्कफोर्स को तैयार करने का एक रणनीतिक कदम है।

भविष्य की ग्रोथ और निवेशक

अगले 4 सालों में इस सेक्टर में करीब 47 लाख नए प्रोफेशनल्स जुड़ने की उम्मीद है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे उन कंपनियों पर नजर रखें जो टेक्नोलॉजी पर भारी खर्च करने के साथ-साथ अपने वर्कफोर्स को डिजिटल रूप से सशक्त (skill building) बना रही हैं। जो कंपनियां अपने फ्रंटलाइन एंप्लॉयीज के लिए एक स्ट्रक्चर्ड करियर पाथ बनाएंगी, लॉन्ग-टर्म में उन्हीं का दबदबा रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.