केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के उस नाजुक 'Chicken's Neck' कॉरिडोर के बारे में बड़ी घोषणा की है, जो पूर्वोत्तर भारत के लिए लाइफलाइन का काम करता है।
इस 40 किलोमीटर लंबे स्ट्रेटेजिक रेल सेक्शन पर अब अंडरग्राउंड रेलवे ट्रैक बिछाए जाएंगे। इसके साथ ही, इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर की मौजूदा लाइनों को चार-ट्रैक का किया जाएगा। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के जनरल मैनेजर चेतन कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, अंडरग्राउंड सेक्शन तीन माइल हाट (Tin Mile Haat) और रंगपानी (Rangapani) रेलवे स्टेशनों के बीच होगा।
इस कदम का मुख्य जोर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। अंडरग्राउंड लाइनों के ज़रिए सेना के जवानों और उपकरणों की तैनाती को और भी सुरक्षित और तेज बनाया जा सकेगा। यह कॉरिडोर भू-राजनीतिक रूप से बेहद अहम है, और यह प्रोजेक्ट इसे और भी मजबूत करेगा।
कनेक्टिविटी में यह बड़ा सुधार पूर्वोत्तर क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होगा। बेहतर लॉजिस्टिक्स और कम ट्रांजिट टाइम से व्यापार, टूरिज्म और इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट को यूनियन बजट में भी प्राथमिकता मिली है, जो सरकार की इस क्षेत्र के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भारत सरकार के बड़े पैमाने पर चल रहे राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का हिस्सा है। ऐसे प्रोजेक्ट्स न केवल कनेक्टिविटी को सुधारते हैं बल्कि कंस्ट्रक्शन, इंजीनियरिंग और मटेरियल सप्लाई जैसे कई सेक्टरों को भी गति देते हैं।