"Chicken's Neck" की सुरक्षा पक्की! भारत सरकार ने खोला खजाना, ₹11,486 Cr से बनेगा अंडरग्राउंड रेल

TRANSPORTATION
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AuthorMehul Desai|Published at:
"Chicken's Neck" की सुरक्षा पक्की! भारत सरकार ने खोला खजाना, ₹11,486 Cr से बनेगा अंडरग्राउंड रेल
Overview

यूनियन बजट 2026 के तहत, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड **₹11,486 करोड़** का आवंटन किया गया है। इस योजना का एक अहम हिस्सा, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'चिकन नेक' कॉरिडोर के पास **40 किलोमीटर** लंबी अंडरग्राउंड रेलवे लाइन का विकास है।

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भारत की 'चिकन नेक' को मिलेगी मजबूती

सरकार ने इस बार नॉर्थ-ईस्ट के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। बजट 2026 में असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ₹11,486 करोड़ का भारी-भरकम आवंटन किया गया है। यह राशि 2014 के मुकाबले लगभग पांच गुना ज्यादा है। इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा सामरिक रूप से बेहद अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' के नाम से भी जाना जाता है, के पास 40 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड रेलवे लाइन बनाने में खर्च होगा। सरकार की मंशा इस महत्वपूर्ण इलाके को और सुरक्षित बनाने की है, खासकर बढ़ती भू-राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए।

'चिकन नेक' क्यों है इतना खास?

सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जो करीब 20-22 किलोमीटर चौड़ा है, भारत के आठ पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी देश से जोड़ने वाली एकमात्र जमीन की पट्टी है। इसका रणनीतिक और आर्थिक महत्व बहुत ज्यादा है, लेकिन इसकी संकरी बनावट इसे हमेशा से एक कमजोरी का पॉइंट बनाती आई है। हालिया रिपोर्टों में बांग्लादेश के भारतीय सीमा के करीब लालमोनीरहाट में चीन के समर्थन से एक पुराने एयरबेस को फिर से चालू करने की खबरें आने के बाद से इस इलाके की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। बांग्लादेश के अंतरिम सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने भी भारत के पूर्वोत्तर को 'लैंडलॉक्ड' (चारों ओर से जमीन से घिरा) बताते हुए बांग्लादेश को 'समुद्र का संरक्षक' कहा था, जिसने इस क्षेत्र की रणनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

भारतीय रेलवे पूरे पूर्वोत्तर में ₹72,468 करोड़ की लागत वाली कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर काम कर रहा है। यूनियन बजट 2026 में पूरे देश के लिए रेलवे का कुल बजट ₹2.78 लाख करोड़ रखा गया है, जिसमें से बड़ा हिस्सा हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और सुरक्षा पर केंद्रित है। 'चिकन नेक' के पास प्रस्तावित अंडरग्राउंड ट्रैक मौजूदा ओवरग्राउंड लाइनों के साथ मिलकर उस अहम पॉइंट पर छह-लाइन रेलवे ट्रैक सिस्टम बनाने में मदद करेगा। इससे इस क्रिटिकल रूट पर अतिरिक्त सुरक्षा और लचीलापन सुनिश्चित होगा। इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी 'चिकन नेक' इलाके में अंडरग्राउंड रेल और रोडवे सॉल्यूशन की वकालत कर चुके हैं।

भविष्य की कनेक्टिविटी का विजन

सरकार पूर्वोत्तर को भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने का विजन रखती है। वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को गुवाहाटी तक बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल देश भर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है। पिछले ग्यारह सालों में पूर्वोत्तर में रेलवे विकास पर कुल ₹80,000 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे राज्य की राजधानियों को जोड़ा गया है और आर्थिक प्रगति व पर्यटन के नए रास्ते खुले हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.