भारत सरकार का बड़ा कदम: शिपिंग कंपनियों को तोहफा, सब्सिडी स्कीम FY31 तक बढ़ी

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
भारत सरकार का बड़ा कदम: शिपिंग कंपनियों को तोहफा, सब्सिडी स्कीम FY31 तक बढ़ी
Overview

भारत सरकार ने घरेलू शिपिंग कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान किया है। सरकार ने मर्चेंट वेसल्स को फ्लैग करने वाली डोमेस्टिक शिपिंग फर्म्स के लिए सब्सिडी प्रोग्राम को **FY31** तक बढ़ा दिया है। इस स्कीम का मकसद देश के समुद्री बेड़े (Maritime Fleet) और वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करना है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

शिपिंग सब्सिडी स्कीम को FY31 तक बढ़ाया गया

नई दिल्ली – भारत के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (Ministry of Ports, Shipping and Waterways) ने घरेलू कंपनियों को अपने मर्चेंट जहाजों को पंजीकृत करने के लिए प्रोत्साहित करने वाली सब्सिडी योजना का विस्तार किया है। यह प्रोग्राम अब पांच साल के लिए बढ़ाया गया है, जो FY2030-31 में समाप्त होगा। यह कदम भारत के समुद्री बेड़े और वैश्विक शिपिंग क्षेत्र में देश की उपस्थिति को बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

फंड का विवरण और उद्देश्य

'आत्मनिर्भर भारत' पहल का हिस्सा, इस स्कीम को पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने जुलाई 2021 में ₹1,624 करोड़ के कुल खर्च के साथ मंजूरी दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय शिपिंग फर्मों को सरकारी कार्गो आयात (Government Cargo Imports) के लिए वैश्विक टेंडरों (Global Tenders) में बोली लगाने पर सब्सिडी प्रदान करना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने FY22 के बजट भाषण में इस पहल की घोषणा की थी।

सब्सिडी कैसे काम करती है: दरें और नियम

वित्तीय सहायता जहाजों की उम्र और भारतीय-फ्लैग वाले जहाजों की बोली प्रतिस्पर्धात्मकता पर आधारित है। 1 फरवरी, 2021 के बाद पंजीकृत और पंजीकरण के समय 10 साल से कम उम्र के जहाजों के लिए, सबसे कम विदेशी बोली (L1) का 15% सब्सिडी के रूप में पेश किया जाता है। वैकल्पिक रूप से, यदि भारतीय बोली अपने राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल (ROFR) का उपयोग करती है, तो सब्सिडी भारतीय जहाज की बोली और L1 विदेशी कोटेशन के बीच के अंतर को कवर करती है, जो भी राशि कम हो। 1 फरवरी, 2021 तक 10 साल से कम उम्र के मौजूदा भारतीय-फ्लैग वाले जहाजों को 10% सब्सिडी मिलती है। 20 साल से पुराने जहाजों को सब्सिडी के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।

भविष्य का समर्थन और कार्यक्रम के लक्ष्य

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि योजना का दायरा बढ़ाया गया है और यदि आवश्यक हुआ तो व्यय विभाग (Department of Expenditure) से अतिरिक्त धन की मांग की जा सकती है। इस विस्तार का लक्ष्य भारतीय शिपिंग क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और मजबूत बनाना है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.