अगस्त 2026 में देश के घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में **6.34%** की गिरावट दर्ज की गई और यह **121.26 लाख** रही। सेक्टर में डिमांड कम होने से इंडिगो की बादशाहत में थोड़ी कमी आई है, जबकि एयर इंडिया ग्रुप ने अपना दबदबा और मजबूत किया है।
अगस्त 2026 में भारतीय एविएशन सेक्टर की रफ्तार धीमी पड़ गई है। DGCA के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने यात्रियों की संख्या घटकर 121.26 लाख रह गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 6.34% कम है। अगर साल की शुरुआत से तुलना करें, तो जनवरी से अगस्त तक कुल 1,105.30 लाख यात्रियों ने उड़ान भरी, जो 2025 के 1,107.26 लाख के आंकड़ों से थोड़ा कम है।
मार्केट शेयर की नई जंग
एयरलाइंस के बीच मार्केट शेयर को लेकर बड़ी उठापटक देखने को मिली है। इंडिगो (IndiGo) अब भी 65% हिस्सेदारी के साथ लीडर बनी हुई है, लेकिन जुलाई के 67.4% के मुकाबले इसमें गिरावट आई है। वहीं, एयर इंडिया ग्रुप (Air India Group) ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए मार्केट शेयर को 2.7% बढ़ाकर 26.7% तक पहुंचा दिया है।
दूसरी तरफ, छोटी कंपनियों के लिए वक्त मुश्किल भरा है। स्पाइसजेट (SpiceJet) का मार्केट शेयर जुलाई के 1.6% से घटकर अगस्त में 1.2% पर आ गया है, जो उनके सामने मौजूद फाइनेंशियल चुनौतियों को दर्शाता है। वहीं, आकाश एयर (Akasa Air) ने अपनी स्थिति को 5.5% पर स्थिर बनाए रखा है।
परफॉर्मेंस और निवेशकों के लिए संकेत
यात्रियों की संख्या कम होने के बावजूद एयरलाइंस ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बरकरार रखा है। ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में इंडिगो 91.5% के साथ सबसे आगे रही, जबकि आकाश एयर 90.5% और एयर इंडिया ग्रुप 83.9% के साथ पीछे रही। कुल कैंसिलेशन रेट मात्र 1.39% रहा, जो दिखाता है कि कंपनियां अपना शेड्यूल सही रखने पर जोर दे रही हैं।
निवेशकों के लिए यह डेटा एक 'कूलिंग साइकिल' की चेतावनी है। यह देखना अहम होगा कि क्या यह सिर्फ एक सीजनल गिरावट है या ग्राहकों के खर्च करने की क्षमता में कमी का संकेत। आने वाले दिनों में एयरलाइंस की रणनीति और उनके यील्ड (Yield) के आंकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
