UDAN स्कीम को मिला नया बूस्ट
इस बार के यूनियन बजट में 'उड़े देश का आम नागरिक' (UDAN) स्कीम के लिए फंड में 27% का इजाफा किया गया है। सरकार ने इस योजना के लिए आगामी फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में ₹550 करोड़ का आवंटन किया है, जो पिछले साल के ₹434.50 करोड़ से काफी ज्यादा है। इस बढ़ी हुई राशि का इस्तेमाल देश के उन एयरस्ट्रिप्स को फिर से चालू करने के लिए किया जाएगा जो अभी तक उपयोग में नहीं हैं या जिनका बहुत कम इस्तेमाल होता है। इसका मुख्य मकसद छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों तक हवाई सफर की पहुंच बढ़ाना और इसे आम लोगों के लिए और भी किफ़ायती बनाना है।
मंत्रालय और रेगुलेटर्स को बढ़ी हुई राशि
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) के कुल बजट में भी मामूली बढ़ोतरी देखी गई है। 2026-27 के लिए मंत्रालय को ₹4,699.92 करोड़ मिले हैं, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह ₹4,688.03 करोड़ था। इस बड़े फंड के साथ, एविएशन सेक्टर के प्रमुख रेगुलेटर्स DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) और BCAS (ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी) को भी ज़्यादा फंड मिला है। DGCA को ₹342 करोड़ और BCAS को ₹114 करोड़ दिए गए हैं। इन रेगुलेटर्स का बजट बढ़ाने का मकसद सुरक्षा मानकों को और मज़बूत करना और एविएशन सेक्टर की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करना है। इसके अलावा, टियर II और टियर III शहरों में कस्टम ड्यूटी की वसूली से संबंधित खर्चों के लिए ₹47.39 करोड़ भी अलग रखे गए हैं।
ड्रोन सेक्टर पर अपडेट
खास बात यह है कि इस बजट में ड्रोन और ड्रोन कंपोनेंट्स के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत कोई नया प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि पहले ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि, सरकार का मानना है कि भारत में ड्रोन सेक्टर में बाकी नीतियों और मार्केट की वजह से ग्रोथ जारी रहेगी। इंडस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि भविष्य में सरकार ड्रोन के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दूसरे तरीके के इंसेंटिव या सब्सिडी स्कीम ला सकती है।
आगे क्या?
भारत का एविएशन सेक्टर पहले से ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सेक्टर है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी इसमें अहम भूमिका निभाएगी। UDAN स्कीम में बढ़ा हुआ फंड छोटे शहरों को राष्ट्रीय हवाई यात्रा नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बिज़नेस के लिए नए रास्ते खुलेंगे और दूर-दराज के इलाकों का आर्थिक विकास तेज़ होगा।