भारत और बांग्लादेश के बीच ढाका में हाई-लेवल बातचीत चल रही है। इसका मुख्य मकसद जुलाई **2024** से बंद पड़ी पैसेंजर ट्रेन सेवाओं, जैसे मैत्री, बंधन और मिताली एक्सप्रेस को फिर से शुरू करना है, जो दोनों देशों के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग के लिए बेहद अहम है।
ढाका में आयोजित 'इंटर-गवर्नमेंटल रेलवे मीटिंग' में भारत और बांग्लादेश के अधिकारी जुटे हैं। जुलाई के मध्य में बांग्लादेश में हुई राजनीतिक उठापटक के बाद इन अंतरराष्ट्रीय ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया था। हालांकि मालगाड़ियों की आवाजाही पहले ही बहाल की जा चुकी है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर ट्रेनें अभी भी ठप पड़ी हैं।
कनेक्टिविटी विस्तार की नई योजनाएं
दोनों देशों के बीच केवल पुरानी ट्रेनें ही नहीं, बल्कि नए रूट्स पर भी चर्चा हो रही है। खबर है कि बांग्लादेश ने कोलकाता से राजशाही के बीच नई पैसेंजर सर्विस का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, मैत्री एक्सप्रेस को जमुना ब्रिज के बजाय नए 'पद्मा ब्रिज' से होकर गुजारने की योजना है, जिससे ट्रांजिट और अधिक प्रभावी हो सके।
RITES Limited और निवेशकों के लिए संकेत
इस प्रोजेक्ट का सीधा असर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी RITES Limited पर भी है। कंपनी को बांग्लादेश रेलवे को 200 ब्रॉड-गेज कोच सप्लाई करने का बड़ा ऑर्डर मिला हुआ है। राजनीतिक अस्थिरता के चलते इस प्रोजेक्ट में कुछ देरी जरूर हुई है, लेकिन रेलवे ट्रैक की बहाली इस कॉन्ट्रैक्ट की प्रोग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर है।
भू-राजनीतिक चुनौतियां
रेलवे प्रशासन सेवा शुरू करने के लिए तैयार है, लेकिन अंतिम फैसला दोनों देशों के विदेश और गृह मंत्रालय के स्तर पर लिया जाएगा। निवेशकों को इस 2 दिवसीय बैठक के नतीजों पर बारीक नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कोई भी राजनीतिक अनिश्चितता या देरी इस क्रॉस-बॉर्डर कनेक्टिविटी के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है।
