भारत नवाचार और डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से वैश्विक समुद्री शक्ति का दर्जा पुनः प्राप्त करने का लक्ष्य रखता है

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AuthorWhalesbook News Team|Published at:
भारत नवाचार और डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से वैश्विक समुद्री शक्ति का दर्जा पुनः प्राप्त करने का लक्ष्य रखता है
Overview

भारत अपने समुद्री क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन ला रहा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में अपनी ऐतिहासिक प्रमुखता को फिर से हासिल करना है। भले ही यह मात्रा के हिसाब से 95% व्यापार को संभालता है, लेकिन उच्च लॉजिस्टिक्स लागत और पुरानी अवसंरचना जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। मैरीटाइम इंडिया विजन 2030, मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047, और सागरमाला स्टार्टअप और नवाचार पहल जैसे प्रयास नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। निर्बाध डेटा एक्सचेंज के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन और AI और IoT जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिसमें इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 जैसे आगामी कार्यक्रम सहयोगों को औपचारिक बनाएंगे।

भारत का समुद्री क्षेत्र एक अग्रणी वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में अपनी स्थिति को पुनः स्थापित करने के लिए एक रणनीतिक सुधार से गुजर रहा है। ऐतिहासिक रूप से, भारत विश्व व्यापार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी था, लेकिन औपनिवेशिक शासन के तहत इसमें गिरावट आई। आज, यह क्षेत्र भारत के अधिकांश व्यापार (मात्रा के हिसाब से 95%, मूल्य के हिसाब से 68%) को संभालता है, फिर भी लॉजिस्टिक्स लागत (जीडीपी का 7.97%) और खंडित अवसंरचना जैसी बाधाओं का सामना करता है। मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 जैसे प्रमुख सरकारी ढांचे इस पुनरुत्थान का मार्गदर्शन कर रहे हैं। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा समर्थित सागरमाला स्टार्टअप और नवाचार पहल (S2I2) का उद्देश्य बंदरगाहों, स्टार्टअप्स और IIT और IMU चेन्नई जैसे अनुसंधान संस्थानों को जोड़कर समुद्री नवाचार को बढ़ावा देना है। मैरीटाइम इंडिया फाउंडेशन धन मुहैया कराता है, और "MAR-a-thon—India’s Maritime Hackathon" के लिए 330 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। परिवर्तन मुख्य रूप से दो स्तंभों: सूचना वास्तुकला (information architecture) और तकनीकी अभिसरण (technological convergence) के माध्यम से डिजिटल प्रगति पर निर्भर करता है। सूचना वास्तुकला का उद्देश्य सभी पोर्ट हितधारकों के बीच कुशल डेटा एक्सचेंज के लिए एक एकीकृत डिजिटल ढांचा तैयार करना है, जो अलग-अलग प्रणालियों से वर्तमान अक्षमताओं को दूर करेगा। नेशनल लॉजिस्टिक्स पोर्टल (NLP Marine), यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (Ulip), और पीएम गति शक्ति जैसे प्लेटफॉर्म इस नींव का निर्माण कर रहे हैं। तकनीकी अभिसरण में बुद्धिमान बंदरगाह बनाने के लिए IoT, AI और 5G जैसी प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करना शामिल है। 'डिजिटल ट्विन' की अवधारणा, जो वास्तविक समय के डेटा के साथ अद्यतन पोर्ट अवसंरचना की एक आभासी प्रतिकृति है, इस बदलाव का उदाहरण है। प्रभाव: यह परिवर्तन भारत के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, जिसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना, व्यापार दक्षता बढ़ाना और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना है। नवाचार और डिजिटल समाधानों पर ध्यान केंद्रित करने से आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण मूल्य अनलॉक हो सकता है। रेटिंग: 9/10। कठिन शब्द: समुद्री क्षेत्र: शिपिंग, बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों से संबंधित उद्योग। लॉजिस्टिक्स लागत: माल को उनके मूल स्थान से अंतिम गंतव्य तक ले जाने में लगने वाला खर्च। सूचना वास्तुकला: सूचना प्रणालियों का डिजाइन और संरचना, जो डेटा को कैसे व्यवस्थित, प्रबंधित और आदान-प्रदान किया जाता है, इस पर ध्यान केंद्रित करती है। तकनीकी अभिसरण: विभिन्न प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करना ताकि वे एक साथ काम कर सकें और नई कार्यक्षमताएं बना सकें। डिजिटल ट्विन: निगरानी, ​​सिमुलेशन और विश्लेषण के लिए वास्तविक समय डेटा के साथ अद्यतन किया गया भौतिक संपत्ति या प्रणाली की एक आभासी प्रतिकृति।

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