InterGlobe Aviation (IndiGo) ने अपने बेड़े में पहले Airbus A350 वाइड-बॉडी विमान को शामिल करने की डेडलाइन तय कर ली है। कंपनी को साल 2028 की दूसरी तिमाही में पहला विमान मिलेगा। हालांकि, कंपनी फिलहाल **₹1,879.1 करोड़** के तिमाही घाटे से जूझ रही है, जिसकी बड़ी वजह महंगे फ्यूल और कमजोर रुपया है।
वाइड-बॉडी सेगमेंट में बड़ी एंट्री
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo अब अपने बिजनेस मॉडल को बड़ा विस्तार देने जा रही है। कंपनी ने कुल 60 Airbus A350-900 विमानों का ऑर्डर दिया है। यह कदम कंपनी को छोटे रूटों से निकलकर लंबी दूरी (long-haul) वाले अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी दिलाने के लिए एक मास्टरप्लान की तरह है।
घाटे के पीछे के कारण
हालिया फाइनेंशियल रिजल्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने ₹1,879.1 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह घाटा ₹2,582.1 करोड़ था, यानी स्थिति में सुधार तो है, लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं। मैनेजमेंट के अनुसार, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतें और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी कंपनी की कमाई पर भारी पड़ रही है। चूंकि फ्यूल और लीजिंग का भुगतान डॉलर में होता है, इसलिए करेंसी का गिरना ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ा देता है।
नई लीडरशिप और रणनीति
अगस्त 2026 में पद संभालने वाले चीफ एग्जीक्यूटिव Willie Walsh की अगुवाई में कंपनी अब Navi Mumbai एयरपोर्ट जैसे नए इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठाकर अपने नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना बना रही है।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर्स
हालांकि A350 का आना एक बड़ा मील का पत्थर है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि एक लो-कॉस्ट एयरलाइन का लॉन्ग-हौल ऑपरेटर बनना आसान नहीं है। इसमें मेंटेनेंस, क्रू ट्रेनिंग और सर्विस स्टैंडर्ड्स को मैनेज करने का बड़ा रिस्क है। इसके अलावा, ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भारत में एयरपोर्ट पर लगने वाले भारी टैक्स अभी भी कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन के लिए बड़ा जोखिम बने हुए हैं।
