InterGlobe Aviation के शेयरों में आज करीब **4%** की तेजी देखी गई और यह **₹5,120** के स्तर पर पहुंच गया। इसकी बड़ी वजह है ब्रेंट क्रूड के दामों में **7%** की भारी गिरावट, जिससे एयरलाइन के सबसे बड़े खर्च यानी फ्यूल पर दबाव कम हुआ है।
फ्यूल के दामों में गिरावट से राहत
InterGlobe Aviation के शेयर लगातार तीसरे दिन तेजी दिखा रहे हैं। मंगलवार को यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹5,120 के हाई लेवल तक पहुंच गया। इस तेजी के पीछे ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में आई 7% की बड़ी गिरावट है, जिसके बाद ब्रेंट क्रूड $104.77 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
एयरलाइन कंपनी के लिए फ्यूल का खर्च उसके कुल ऑपरेटिंग खर्च का करीब 40% होता है। सितंबर तिमाही (Q2 FY27) में कंपनी को ₹1,879.1 करोड़ का नेट लॉस हुआ था, जिसकी बड़ी वजह महंगे फ्यूल और रुपए की कमजोरी थी। अब गिरते तेल के दाम निवेशकों के लिए मुनाफे की उम्मीद जगा रहे हैं।
'भारतीय वायुयान नियम 2026' का असर
मार्केट का मूड सुधारने में सरकार के नए नियमों की भी अहम भूमिका है। 1 जनवरी, 2027 से लागू होने वाला 'भारतीय वायुयान नियम 2026' एयरफेयर में पारदर्शिता लाएगा। इसमें बेस फेयर, टैक्स और कैंसिलेशन पॉलिसी का स्पष्ट ब्रेकडाउन देना अनिवार्य होगा। हालांकि सरकार को इमरजेंसी में दखल देने की पावर होगी, लेकिन एयरलाइंस के पास अपनी प्राइसिंग स्ट्रैटेजी बनाने की आजादी बनी रहेगी, जो लॉन्ग-टर्म में जरूरी है।
आगे की चुनौतियां
तेजी के बावजूद निवेशकों को सतर्क रहना होगा। अगर रुपया और कमजोर हुआ, तो लीजिंग और मेंटेनेंस जैसे डॉलर-डिनोमिनेटेड खर्च बढ़ जाएंगे, जिससे फ्यूल पर हुई बचत का असर बेअसर हो सकता है। साथ ही, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण फ्यूल की कीमतों में फिर से अचानक उछाल आने का खतरा बना हुआ है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी दिसंबर तिमाही में इन कम इनपुट लागतों का लाभ ऑपरेशंस में कैसे बदलती है।
