IndiGo Share Price: तेल के झटके से शेयर धड़ाम! 11 महीने का निचला स्तर, ब्रोकरेज ने चेताया

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AuthorMehul Desai|Published at:
IndiGo Share Price: तेल के झटके से शेयर धड़ाम! 11 महीने का निचला स्तर, ब्रोकरेज ने चेताया
Overview

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण InterGlobe Aviation (IndiGo) के शेयर **11 महीने** के निचले स्तर पर आ गिरे हैं। स्टॉक फिलहाल **₹4,314** के आसपास ट्रेड कर रहा है।

मध्य पूर्व में बढ़ी भू-राजनीतिक अशांति और हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदियों के चलते IndiGo के शेयरों में भारी गिरावट आई है। कंपनी के शेयर 4 मार्च 2026 को ₹4,293 के स्तर तक गिर गए, जो पिछले 11 महीनों का सबसे निचला स्तर है। पिछले तीन ट्रेडिंग सत्रों में यह 13% की बड़ी गिरावट है। कंपनी ने 28 फरवरी से 3 मार्च 2026 के बीच मध्य पूर्व और चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए 500 से ज्यादा उड़ानों को रद्द करने की जानकारी दी है।

इस गिरावट का सीधा संबंध कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई तेजी से है। 4 मार्च 2026 को ब्रेंट क्रूड $83 प्रति बैरल के पार चला गया है। एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर करीब 40% ऑपरेटिंग खर्चा आता है। JM Financial Institutional Securities के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि ब्रेंट क्रूड में हर $5 का इजाफा IndiGo की कमाई को 13% तक घटा सकता है। वहीं, कंपनी की लिमिटेड फ्यूल हेजिंग (Fuel Hedging) इस रिस्क को और बढ़ाती है। इसके अलावा, कमजोर होते भारतीय रुपये से डॉलर-डिनॉमिनेटेड खर्चे जैसे लीज रेंटल और मेंटेनेंस भी महंगे हो रहे हैं। हर ₹1 के डेप्रिसिएशन से कंपनी का खर्चा करीब ₹900 करोड़ बढ़ सकता है।

IndiGo का P/E रेश्यो फिलहाल 54-60x के आसपास है, जो इसके ऐतिहासिक औसत (लगभग 24.4x तीन साल पहले) और मार्केट के मुकाबले काफी ज्यादा है। एनालिस्ट्स पहले से ही लागत और करेंसी प्रेशर को लेकर चिंतित थे। कुछ ब्रोकरेज हाउसेज ने पहले ही स्टॉक को 'Reduce' रेटिंग दी थी।

हालांकि IndiGo के पास कॉस्ट लीडरशिप, 62% से अधिक डोमेस्टिक मार्केट शेयर और ₹50,000 करोड़ से ज्यादा कैश बैलेंस जैसी मजबूत फंडामेंटल ताकतें हैं, लेकिन मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात बड़े टैक्टिकल रिस्क पैदा कर रहे हैं। खासकर दुबई जैसे अहम ट्रांजिट हब पर पाबंदियों का असर इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर पड़ रहा है। PL Capital का अनुमान है कि अगर मध्य पूर्व की समस्या मार्च 2026 तक जारी रहती है, तो IndiGo के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 10% तक की गिरावट आ सकती है।

शेयर की आगे की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध कितने समय तक बने रहते हैं और क्रूड ऑयल की कीमतें किस दिशा में जाती हैं। अगर स्थिति जल्दी सुधरती है तो सामान्य स्थिति बहाल हो सकती है। लेकिन, किसी भी लंबे संघर्ष से कंपनी को कैपेसिटी एडजस्टमेंट और अर्निंग फोरकास्ट में कटौती करनी पड़ सकती है। PL Capital ने ₹5,186 के टारगेट के साथ 'Hold' रेटिंग दी है, जबकि JM Financial का टारगेट ₹5,570 था।

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