IndiGo ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में **14%** की जोरदार उछाल के बाद डोमेस्टिक और इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। यह बदलाव **6 अक्टूबर, 2026** से लागू होगा।
हवाई किराए पर सीधा असर
बढ़ती लागत को मैनेज करने के लिए एयरलाइन ने एक नया टियर-आधारित सरचार्ज स्ट्रक्चर तैयार किया है। डोमेस्टिक यात्रियों को अब फ्लाइट की दूरी के आधार पर ₹275 से लेकर ₹950 तक का अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना होगा। वहीं, लंबी दूरी की इंटरनेशनल फ्लाइट्स (जैसे यूरोप और यूके) के लिए यह चार्ज ₹10,000 तक पहुंच सकता है। यह नया नियम 6 अक्टूबर, 2026 की रात 00:01 बजे के बाद की सभी नई बुकिंग्स पर लागू होगा।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग बजट का करीब 30% से 40% हिस्सा फ्यूल पर खर्च होता है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical instability) के कारण ATF की कीमतों में 13.2% से 14% की बड़ी तेजी आई है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में, कंपनी को ₹237.6 करोड़ का नेट लॉस हुआ था, जिसका मुख्य कारण फ्यूल कॉस्ट में साल-दर-साल 86% की भारी बढ़ोतरी थी।
निवेशकों के लिए जोखिम और आउटलुक
क्या यात्री बढ़ी हुई कीमतों को स्वीकार करेंगे? यह एक बड़ा सवाल है। अगर टिकट के दाम ज्यादा बढ़ते हैं, तो डिमांड पर असर पड़ सकता है, जो एयरलाइन के लोड फैक्टर को प्रभावित करेगा। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव भी कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव बना रहा है क्योंकि लीजिंग और फ्यूल की अधिकांश पेमेंट डॉलर में होती है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या यह प्राइस हाइक कंपनी के मार्जिन को रिकवर करने में मदद कर पाएगा, या फिर यह डिमांड में कमी का सबब बनेगा।
