समय पर उड़ीं IndiGo की फ्लाइट्स, आई बड़ी राहत!
दिसंबर 2025 में 62.7% पर अटकी IndiGo की ऑन-टाइम परफॉरमेंस (On-time Performance) ने मार्च 2026 में सबको चौंका दिया है। एयरलाइन ने 26% से ज्यादा की छलांग लगाते हुए यह आंकड़ा 88.7% तक पहुंचा दिया है। लगातार दो महीने 80% से ऊपर रहना, नए फ्लाइट ड्यूटी नियमों (Flight Duty Rules) के चलते आई गड़बड़ियों को संभालने में मिली बड़ी कामयाबी है। याद दिला दें कि इन्हीं दिक्कतों की वजह से दिसंबर 2025 में 4,500 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी थीं। सरकार के 10% फ्लाइट्स कम करने के आदेश के बावजूद, IndiGo ने अपने ऑपरेशंस को सफलतापूर्वक संभाला है।
मार्केट में दबदबा, पर सेक्टर पर मंडराया खतरा
IndiGo का मार्केट शेयर 63% से ऊपर बना हुआ है। मार्च 2026 में कंपनी ने 9.12 मिलियन पैसेंजर्स को सफर कराया, जो डोमेस्टिक मार्केट का 63.3% था। वहीं, Air India Group 26.5%, Akasa Air 5% और SpiceJet 3.9% शेयर के साथ पीछे हैं। लेकिन, भारतीय एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) इस वक्त गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। वेस्ट एशिया में जारी तनाव के चलते जेट फ्यूल (Aviation Turbine Fuel) की कीमतें आसमान छू रही हैं। अब यह लागत एयरलाइंस के कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट (Operating Cost) का 55-60% तक पहुंच गई है, जिससे भारी वित्तीय दबाव बन गया है। IndiGo, Air India, SpiceJet जैसी कंपनियां ऑपरेशन रोकने की चेतावनी तक दे चुकी हैं।
कॉम्पिटिशन में तेज़ी और IndiGo के सामने रिस्क
IndiGo की मौजूदा वैल्यूएशन (Valuation) भविष्य में तगड़ी ग्रोथ की उम्मीद दिखाती है, लेकिन सेक्टर से जुड़े ये बड़े जोखिम उस पर भारी पड़ सकते हैं। कॉम्पिटिशन (Competition) भी बेतहाशा बढ़ रहा है। Air India, Vistara के साथ मर्ज होकर और 600 नए प्लेन ऑर्डर करके अपना विस्तार कर रही है। Akasa Air भी तेजी से अपना फ्लीट (Fleet) बढ़ा रही है, जिसके पास अब 38 प्लेन हैं और उसने 226 Boeing 737 MAX जेट का ऑर्डर दिया है। वहीं, SpiceJet को दिसंबर 2025 तिमाही में ₹269 करोड़ का भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, Pratt & Whitney इंजन की दिक्कतों से ग्राउंडेड प्लेन्स को ठीक करना भी IndiGo के लिए एक सिरदर्द बना हुआ है।
एनालिस्ट्स की राय और आगे का रास्ता
ज्यादातर एनालिस्ट्स (Analysts) IndiGo के लिए ₹5,200-₹5,300 का टारगेट प्राइस देकर पॉजिटिव बने हुए हैं। वे कंपनी के इंटरनेशनल रूट एक्सपेंशन और फ्लीट स्ट्रैटेजी को ग्रोथ का मुख्य इंजन मान रहे हैं। हालांकि, पूरा एविएशन सेक्टर FY26 में घाटे में रहने की उम्मीद है। फ्यूल की अस्थिर कीमतें और ग्लोबल इवेंट्स (Global Events) इस अनिश्चितता को और बढ़ा रहे हैं। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की पायलटों की थकान (Pilot Fatigue) पर कड़ी नजर भी एक और संभावित रिस्क फैक्टर है।
