रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार
एयरलाइन इस महत्वपूर्ण नई दिल्ली-शंघाई कॉरिडोर पर ऑपरेशन शुरू करने के लिए अथॉरिटीज से हरी झंडी का इंतजार कर रही है। यह नियोजित रूट दोनों एशियाई आर्थिक दिग्गजों को जोड़ने वाली IndiGo की तीसरी सीधी सर्विस होगी। इससे पहले Air India अपनी दिल्ली-शंघाई फ्लाइट्स और China Eastern Airlines अपनी शंघाई-दिल्ली सर्विस फिर से शुरू कर चुकी है।
कूटनीतिक रिश्तों में सुधार से एविएशन को बढ़ावा
यह एक्सपैंशन भारत और चीन के बीच सुधरते कूटनीतिक रिश्तों के बीच हो रहा है। COVID-19 पेंडेमिक और लंबी बॉर्डर टेंशन्स के कारण 2020 से निलंबित सीधी उड़ानों की बहाली, रिश्तों में सामान्यीकरण की ओर एक कदम का संकेत देती है। इस स्ट्रेटेजिक रीकैलिब्रेशन के तहत भारत ने चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा भी फिर से शुरू किए हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा जैसे कल्चरल एक्सचेंज को भी बहाल किया है।
मजबूत मार्केट फंडामेंटल्स
IndiGo का इस रूट पर भरोसा मौजूदा सेवाओं पर भारी पैसेंजर ट्रैफिक और हाई ऑक्यूपेंसी रेट्स पर टिका है। अक्टूबर में दोबारा शुरू हुए कोलकाता-गुआंग्झू रूट ने अकेले लगभग 54,000 पैसेंजर्स को अपनी सेवा दी है, और 2025 में औसत सीट ऑक्यूपेंसी रेट 85% रहा। IndiGo के सीईओ Pieter Elbers ने मार्केट की विशाल क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि "दुनिया की एक-तिहाई आबादी" इन दोनों देशों में रहती है और भारत और चीन की संयुक्त इकोनॉमिक पावर एविएशन ग्रोथ के लिए काफी गुंजाइश प्रदान करती है। एयरलाइन अन्य भारतीय शहरों से अधिक चीनी डेस्टिनेशन्स के लिए आगे एक्सपैंशन पर भी विचार कर रही है।