InterGlobe Aviation (IndiGo) ने अपने कार्गो नेटवर्क का विस्तार करते हुए 28 बॉन्डेड स्टेशनों को जोड़ा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने **4.5 लाख टन** कार्गो हैंडल किया है और FY30 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
ग्लोबल रूट्स से जुड़ा घरेलू कार्गो
IndiGo अब केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि सामान की ढुलाई के लिए भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। कंपनी ने 28 बॉन्डेड हब का एक नेटवर्क तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के छोटे मैन्युफैक्चरिंग हब को दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े गेटवे के जरिए सीधे इंटरनेशनल ट्रेड रूट्स से जोड़ना है।
लक्ष्य और फ्लीट विस्तार
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने 4.5 लाख टन कार्गो का कामकाज संभाला, जो पिछले साल के 3.87 लाख टन से काफी ज्यादा है। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि FY30 के अंत तक कार्गो वॉल्यूम को 1.5 से 2 गुना तक बढ़ाया जाए। इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी के पास अभी 3 समर्पित Airbus A321 फ्रेटर्स हैं। साथ ही, 2028 से कंपनी अपने बेड़े में वाइडबॉडी Airbus A350 विमान शामिल करने की तैयारी कर रही है, जिससे फार्मा और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर के लिए समय पर डिलीवरी देना आसान होगा।
पार्टनरशिप का सहारा
IndiGo ने Virgin Cargo और Air France KLM जैसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ हाथ मिलाया है। इन पार्टनरशिप्स की मदद से कंपनी उन बाजारों तक भी पहुंच रही है जहां उसकी अपनी पैसेंजर फ्लाइट्स नहीं जाती हैं।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
कार्गो बिजनेस में उतरना रिवेन्यू बढ़ाने का अच्छा जरिया तो है, लेकिन यह एक कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस भी है। एविएशन सेक्टर को कच्चा तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सड़क व रेल ट्रांसपोर्ट से मिल रही कड़ी टक्कर जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ता है। निवेशकों को कंपनी के फ्लीट विस्तार और कार्गो वॉल्यूम के ट्रेंड पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
