IndiGo दुनिया की पहली ऐसी एयरलाइन बन गई है जिसने पायलट्स की ट्रेनिंग के लिए Airbus की वर्चुअल रियलिटी (VR) टेक्नोलॉजी को अपनाया है। एयरलाइन अपनी बढ़ती फ्लीट और बढ़ते खर्चों के बीच ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है।
IndiGo ने अपनी ट्रेनिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। एयरलाइन अब Airbus के A320 Virtual Procedure Trainer (VPT) का इस्तेमाल करेगी। यह क्लाउड-बेस्ड VR सॉफ्टवेयर पायलट्स को कॉकपिट के माहौल में इमरजेंसी और अन्य जटिल प्रक्रियाओं की प्रैक्टिस करने की सुविधा देगा। खास बात यह है कि IndiGo दुनिया की पहली एयरलाइन है जिसने इस पैकेज को अपनाया है, जो क्लासरूम ट्रेनिंग और फिजिकल सिम्युलेटर के बीच की कमी को दूर करेगा।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
मौजूदा समय में IndiGo के पास करीब 6,300 पायलट्स की बड़ी टीम है। इस टेक्नोलॉजी के जरिए एयरलाइन अपनी ट्रेनिंग स्पीड बढ़ाना चाहती है ताकि ऑपरेशंस बिना रुके चलते रहें। यह पहल 2021 से चल रहे MATe Suite का ही अगला हिस्सा है।
फाइनेंशियल स्थिति और चुनौतियां
हालांकि कंपनी तकनीक पर निवेश कर रही है, लेकिन फाइनेंशियल मोर्चे पर चुनौतियां बरकरार हैं। सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही में कंपनी को ₹1,879.1 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। भले ही कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 25.9% बढ़कर ₹233,638 मिलियन रहा, लेकिन फ्यूल के ऊंचे दाम और ऑपरेशनल कॉस्ट ने प्रॉफिट पर पानी फेर दिया।
एविएशन सेक्टर इस समय फ्यूल कॉस्ट और FDTL (Flight Duty Time Limitation) जैसे कड़े नियमों के दबाव में है। ऐसे में यह डिजिटल ट्रेनिंग टूल एयरलाइन को सिम्युलेटर के महंगे खर्चों को कम करने और पायलट वर्कफोर्स को कुशलता से मैनेज करने में कितनी मदद कर पाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
