IndiGo: विमानों की कमी की खबरों पर एयरलाइन ने तोड़ी चुप्पी, रूट कैंसलेशन का सच आया सामने

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AuthorAditya Rao|Published at:
IndiGo: विमानों की कमी की खबरों पर एयरलाइन ने तोड़ी चुप्पी, रूट कैंसलेशन का सच आया सामने

इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) ने स्पष्ट किया है कि हालिया अंतरराष्ट्रीय रूट कैंसलेशन विमानों की कमी के कारण नहीं, बल्कि मौसमी मांग और बढ़ती लागत के चलते हुए हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹2,393.6 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है।

विमानों की कमी की खबरों का खंडन

IndiGo चलाने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने साफ कर दिया है कि उनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बदलाव का कारण विमानों की कमी बिल्कुल नहीं है। बाजार में चल रही चिंताओं पर एयरलाइन ने कहा कि यह कदम पूरी तरह से ऑपरेशनल है। कंपनी ने 31 अगस्त 2026 से मैनचेस्टर के लिए अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं।

क्यों बंद हुए रूट्स?

कंपनी ने बताया कि जुलाई से सितंबर 2026 के बीच लंगकावी, क्राबी, हो ची मिन्ह सिटी, हांगकांग, शंघाई और सिएम रीप जैसे रूट्स पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोका गया है। इसका कारण पैसेंजर डिमांड में मौसमी बदलाव और बढ़ती ऑपरेटिंग कॉस्ट है। एयरलाइन इन सेवाओं को अक्टूबर से फिर शुरू करने की योजना बना रही है। साथ ही, कंपनी अपने 6 डैम्प-लीज्ड बोइंग 787-9 विमानों में से एक को Norse Atlantic Airways को वापस लौटा रही है।

फाइनेंशियल ईयर 2026 का हाल

कंपनी के लिए पिछला साल चुनौतीपूर्ण रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹2,393.6 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। चौथी तिमाही में तो स्थिति और खराब रही, जहां कंपनी को ₹2,536.9 करोड़ का भारी घाटा हुआ। इसके पीछे मुख्य वजह विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतें रही हैं।

भविष्य की योजनाएं

इन दबावों के बावजूद, IndiGo का लक्ष्य 2030 तक अपनी अंतरराष्ट्रीय क्षमता को 40% तक ले जाना है। कंपनी के पास 900 से अधिक विमानों का ऑर्डर बुक है। फिलहाल, एयरलाइन 2030 तक कोई नया ऑर्डर देने के मूड में नहीं है और इसका पूरा ध्यान Airbus A321XLR और A350 जैसे नए विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने पर है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.