IndiGo: बड़ी राहत! पायलट ड्यूटी छूट ख़त्म, अब नहीं होंगी Flights Cancelled

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IndiGo: बड़ी राहत! पायलट ड्यूटी छूट ख़त्म, अब नहीं होंगी Flights Cancelled
Overview

IndiGo के निवेशकों के लिए आज एक अच्छी खबर सामने आई है। एयरलाइन ने साफ किया है कि पायलटों की ड्यूटी से जुड़ी अस्थायी छूट अवधि समाप्त होने के बाद भी उनके परिचालन (Operations) में कोई गड़बड़ी नहीं आएगी। IndiGo का कहना है कि वे नए Flight Duty Time Limitation (FTDL) नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त पायलटों के साथ तैयार हैं।

India की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने अपने संचालन में स्थिरता का भरोसा जताया है। यह तब हुआ है जब पायलटों के ड्यूटी नियमों में मिली अस्थायी छूट की अवधि 10 फरवरी को समाप्त हो गई है। कंपनी के अनुसार, उनके पास अपने पूरे नेटवर्क में निर्बाध (seamless) संचालन सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ, विशेष रूप से पायलटों का एक अनुकूल (optimal) पूल है, जो संशोधित Flight Duty Time Limitation (FTDL) नियमों का पूरी तरह पालन करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब दिसंबर महीने में एयरलाइन को बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसलेशन और देरी का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद DGCA ने भी कड़े कदम उठाए थे।

DGCA ने 20 जनवरी को इस बात की पुष्टि की थी कि निरंतर निगरानी और सुधारात्मक उपायों के ज़रिए IndiGo के संचालन को स्थिर कर दिया गया है। नियामक संस्था ने संकेत दिया है कि एयरलाइन के पास नए FDTL नियमों के तहत बिना किसी अतिरिक्त बाधा के संचालन जारी रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पायलट मौजूद हैं। एयरलाइन की ओर से प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार, IndiGo के पास 2,400 कमांड में पायलट (PICs) हैं, जबकि इनकी आवश्यक संख्या 2,280 है। इसी तरह, फर्स्ट ऑफिसर की संख्या 2,240 है, जो आवश्यक 2,050 से ज़्यादा है।

गड़बड़ियों के पीछे की कहानी

पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में, IndiGo को भारी परिचालन गड़बड़ियों से जूझना पड़ा था। 3 दिसंबर से 5 दिसंबर के बीच, एयरलाइन ने 2,507 उड़ानों को रद्द कर दिया था, जिससे 300,000 से अधिक यात्रियों को परेशानी हुई थी। इस गंभीर स्थिति के बाद, DGCA ने एयरलाइन के विंटर शेड्यूल में 10% की कटौती करने का आदेश दिया और ₹22.20 करोड़ का जुर्माना भी लगाया। DGCA की जांच में यह पाया गया कि परिचालन का अत्यधिक अनुकूलन (over-optimization), नियामक तैयारी में कमी और प्रबंधन ढांचे तथा परिचालन नियंत्रण में खामियां इस संकट की मुख्य वजह थीं।

नियामक छूट और पायलटों की चिंता

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने यह भी बताया था कि IndiGo को नाइट ड्यूटी और लैंडिंग से संबंधित FDTL के कुछ विशिष्ट नियमों से 10 फरवरी तक के लिए अस्थायी छूट दी गई थी। इसका उद्देश्य परिचालन को स्थिर करने में मदद करना था। हालांकि, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने इस मामले में अपनी चिंता जताई है। FIP ने पायलटों की थकान को कम करने और हवाई सुरक्षा को सर्वोपरि रखने के लिए, संशोधित FDTL नियमों को बिना किसी छूट के सख्ती से लागू करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। FIP के अध्यक्ष सी एस रंधावा ने कहा कि हवाई सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता और सभी एयरलाइनों को नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।

एयरलाइन ने किए नए नियमों को शामिल

IndiGo के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि एयरलाइन ने नए नियमों के सेट को अपने क्रू रोस्टर और प्लानिंग सिस्टम में सफलतापूर्वक एकीकृत कर लिया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि वे FDTL नियमों का पूरा पालन करते हुए अपने संचालन को स्थिर रखेंगे।

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