IndiGo ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करने के लिए अप्रैल 2026 से अब तक **600** पायलटों को हायर कर लिया है और मार्च 2027 तक **400** और पायलटों को जोड़ने की योजना है। कंपनी का यह कदम हालिया घाटे और बढ़ती ऑपरेटिंग लागत के बीच अपनी सर्विस को दुरुस्त करने की कोशिश है।
पायलट भर्ती और ऑपरेशनल मजबूती
एयरलाइन ने अपनी उड़ान सेवाओं में शेड्यूल की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आक्रामक भर्ती अभियान शुरू किया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 600 पायलटों को शामिल करने के बाद, कंपनी का लक्ष्य कुल 1,000 पायलटों की नई टीम खड़ी करना है। यह कदम रेगुलेटरी FDTL (Flight Duty Time Limitation) मानकों को पूरा करने के लिए जरूरी है, ताकि पुरानी अनुग्रह अवधि (grace period) खत्म होने के बाद संचालन में कोई बाधा न आए। अब कंपनी में पायलटों की संख्या 6,300 के पार पहुंच गई है।
चुनौतीपूर्ण वित्तीय स्थिति
CEO Willie Walsh के नेतृत्व में एयरलाइन कठिन दौर से गुजर रही है। 30 सितंबर 2026 को खत्म तिमाही में कंपनी ने ₹1,879.1 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। इस वित्तीय दबाव के पीछे सबसे बड़ा कारण Aviation Turbine Fuel (ATF) की बढ़ती कीमतें हैं, जो कंपनी के कुल खर्च का लगभग 40% हिस्सा हैं। इसके साथ ही, करेंसी में गिरावट का असर भी बैलेंस शीट पर पड़ा है।
भविष्य की रणनीति और फ्लीट प्लान
नुकसान को कम करने के लिए एयरलाइन अब 'फ्यूल हेजिंग' (Fuel Hedging) जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है, ताकि फ्यूल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचा जा सके। वहीं, लॉन्ग-टर्म विस्तार के लिए कंपनी 2028 की दूसरी तिमाही में अपने पहले Airbus A350 एयरक्राफ्ट को बेड़े में शामिल करने की तैयारी कर रही है। यह विमान कंपनी को प्रीमियम लॉन्ग-हॉल ऑपरेशंस में मदद करेगा।
इसके अलावा, Navi Mumbai एयरपोर्ट को दिल्ली और मुंबई पर निर्भरता कम करने के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, ऊंचे एयरपोर्ट चार्जेस और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर भू-राजनीतिक तनाव अभी भी कंपनी के लिए बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं।
