तीन साल के लंबे इंतज़ार के बाद, इम्फाल और गुवाहाटी के बीच नियमित यात्री बस सेवाएं नेशनल हाईवे-2 के ज़रिए फिर से शुरू हो गई हैं। यह कदम पूर्वोत्तर क्षेत्र में जातीय हिंसा के कारण बाधित हुई कनेक्टिविटी को सामान्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
3 साल बाद लौटी बहार, बस सेवा का आगाज़!
21 अगस्त 2026 से इम्फाल, दीमापुर और गुवाहाटी को जोड़ने वाली यात्री बस सेवाएं फिर से चालू हो गई हैं। यह एक महत्वपूर्ण परिवहन कड़ी की वापसी है, जो मई 2023 से मणिपुर में जातीय संघर्ष के कारण प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवागमन बाधित होने के बाद से बंद पड़ी थी।
नेशनल हाईवे-2 पर अब लगातार आवाजाही देखी जा रही है। सेवा शुरू होने के दूसरे दिन, 22 अगस्त को, इम्फाल से 200 से ज़्यादा यात्री गुवाहाटी के लिए रवाना हुए। इससे पहले 21 अगस्त के पहले सफर में 125 यात्री इम्फाल से गुवाहाटी पहुंचे थे। इन सेवाओं की बहाली सरकार के प्रयासों का हिस्सा है, ताकि राजमार्गों को खोला जा सके और पूर्वोत्तर क्षेत्र में लोगों और सामानों की आवाजाही को सुचारू बनाया जा सके।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर असर
स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय व्यापार के लिए, इस मार्ग का फिर से खुलना एक बड़ी राहत है। तीन साल तक सीधी और विश्वसनीय बस सेवा न होने के कारण, लोगों को यात्रा के लिए महंगे या अप्रत्यक्ष साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा था। इस कड़ी के बहाल होने से मणिपुर, नागालैंड और असम के बीच यात्रा लागत कम होने और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को फायदा होगा।
सुरक्षा और संचालन की चुनौतियाँ
परिवहन सेवाओं का फिर से शुरू होना सामान्यीकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इस मार्ग की दीर्घकालिक स्थिरता जमीनी सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेगी। क्षेत्र में हाल के इतिहास में अस्थिरता के दौर रहे हैं, जिन्होंने पहले भी सड़क यातायात को प्रभावित किया है। सेवाओं के सफल संचालन के लिए शांति बनाए रखना और अधिकारियों द्वारा राजमार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना ज़रूरी होगा। निवेशक और क्षेत्रीय पर्यवेक्षक इन सेवाओं की स्थिरता पर नज़र रखेंगे, क्योंकि नाकेबंदी या अशांति की किसी भी घटना से बहाल हुई परिवहन कड़ी के संचालन में जोखिम पैदा हो सकता है। फिलहाल, मुख्य ध्यान इस बात पर रहेगा कि क्या वर्तमान समय-सारणी बिना किसी रुकावट के जारी रह पाती है या नहीं।
