IRCTC शेयर में क्यों है गिरावट? Q3 में रिकॉर्ड कमाई के बाद भी निवेशक चिंतित!

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AuthorAditya Rao|Published at:
IRCTC शेयर में क्यों है गिरावट? Q3 में रिकॉर्ड कमाई के बाद भी निवेशक चिंतित!
Overview

Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। कंपनी ने रेवेन्यू (Revenue), EBITDA और नेट प्रॉफिट (Net Profit) के मामले में बाजार की उम्मीदों को पार कर लिया है।

नतीजों पर एक नज़र

IRCTC के Q3 FY26 के नतीजे शानदार रहे, जिसमें मुख्य रूप से कंपनी के कैटरिंग (Catering) डिवीजन का बड़ा योगदान रहा। इस सेगमेंट में साल-दर-साल 19.2% की ग्रोथ देखी गई, जिससे यह ₹6,614 मिलियन तक पहुँच गया। इसके अलावा, नॉन-कन्वीनियंस फी (Non-convenience fee) इनकम में भी ज़बरदस्त उछाल आया, जिसमें एडवरटाइजिंग (Advertising) रेवेन्यू 86% और लॉयल्टी इनकम (Loyalty Income) 42% बढ़ी। इन मजबूत ऑपरेशन्स के दम पर कंपनी अगले दो फाइनेंशियल ईयर (FY25-FY28) में 8% सेल्स और 10% प्रॉफिट की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) बनाए रखने का अनुमान लगा रही है।

वैल्यूएशन पर सवालिया निशान?

जहाँ एक ओर IRCTC के ऑपरेशनल नतीजे मजबूत दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनी के स्टॉक की चाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक साल में स्टॉक में करीब 17.26% की गिरावट आई है। ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹850 का टारगेट दिया है, जो कंपनी के डेट-फ्री बैलेंस शीट (Debt-free balance sheet) और ग्रोथ की संभावनाओं पर आधारित है।

एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय

विश्लेषकों के अनुसार, IRCTC वर्तमान में अपने अनुमानित FY27E और FY28E आय के मुकाबले लगभग 31x और 29x के वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन, हालिया स्टॉक परफॉरमेंस को देखते हुए, सवालों के घेरे में है। एनालिस्ट्स का औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट लगभग ₹783.75 है, लेकिन इसमें काफी अंतर है, जो ₹537 से लेकर ₹1200 तक जाता है। Nuvama Wealth ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹951 का टारगेट दिया है, जबकि IIFL ने 'Sell' रेटिंग के साथ ₹600 का टारगेट रखा है। यह बड़ी भिन्नता बताती है कि भविष्य की स्टॉक ग्रोथ को लेकर बाज़ार में कोई स्पष्ट राय नहीं है। कंपनी का मार्केट कैप (Market Cap) करीब ₹49,400 करोड़ है।

जोखिम और भविष्य का रास्ता

IRCTC का भविष्य काफी हद तक भारतीय रेलवे की नीतियों और प्राथमिकताओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में, पॉलिसी में बदलाव या ऑपरेशनल बाधाएं जोखिम पैदा कर सकती हैं। प्राइवेट फूड डिलीवरी सेवाओं से बढ़ती प्रतिस्पर्धा कैटरिंग मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, Rail Neer प्लांट और Vande Bharat ट्रेनों के विस्तार में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution risk) और पूंजीगत व्यय (Capital expenditure) की ज़रूरतें भी हैं। 17% से ज़्यादा की साल-दर-साल गिरावट और एनालिस्ट्स के मिले-जुले टारगेट को देखते हुए, वर्तमान वैल्यूएशन को सही ठहराना एक बड़ी चुनौती होगी।

आगे क्या?

IRCTC से वित्त वर्ष 2025-2028 के बीच 8% सेल्स और 10% प्रॉफिट CAGR की उम्मीद है। नए Rail Neer प्लांट्स और 260 Vande Bharat ट्रेनों के आने से कैटरिंग की मांग बढ़ने की संभावना है। हालांकि, शेयर की कीमत में आगे का उछाल इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी न केवल इन ग्रोथ लक्ष्यों को हासिल कर पाती है, बल्कि बाज़ार में अपने मौजूदा वैल्यूएशन को भी किस हद तक सही ठहरा पाती है।

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