IRCTC का प्रॉफिट बढ़ा, पर मार्जिन क्यों घटा? शेयर फिसला, जानिए वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
IRCTC का प्रॉफिट बढ़ा, पर मार्जिन क्यों घटा? शेयर फिसला, जानिए वजह
Overview

Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने Q3 FY26 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले **15.61%** बढ़कर **₹394 करोड़** रहा, जबकि रेवेन्यू में भी **18.36%** का उछाल दर्ज किया गया।

नतीजों में प्रॉफिट का जलवा, पर मार्जिन पर दबाव

IRCTC के तिमाही नतीजों के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 15.61% की जोरदार ग्रोथ के साथ ₹394 करोड़ रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही में ₹340.81 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 18.36% बढ़कर ₹1,449.47 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹1,224.66 करोड़ था। कंपनी का EBITDA भी 11.73% बढ़कर ₹465 करोड़ हो गया।

हालांकि, इन सब आंकड़ों के बीच चिंता की बात मार्जिन का घटना है। EBITDA मार्जिन 34.02% से गिरकर 32.11% पर आ गया। कंपनी का कहना है कि यह गिरावट ऑपरेशनल खर्चों में बढ़ोत्तरी के कारण हुई है, खासकर कैटरिंग और टूरिज्म जैसे लो-मार्जिन वाले सेगमेंट्स के तेजी से विस्तार की वजह से।

कौन से सेगमेंट चमके?

IRCTC के परफॉर्मेंस में सभी मुख्य सेगमेंट का योगदान रहा। इंटरनेट टिकटिंग, जो कंपनी का सबसे बड़ा सेगमेंट है, उसमें रेवेन्यू 19.22% बढ़कर ₹661.43 करोड़ हो गया। टूरिज्म सेगमेंट सबसे तेजी से बढ़ा, जहां 29.29% का इजाफा हुआ और यह ₹289.27 करोड़ पर पहुंच गया। रेलनीर (Packaged Drinking Water) में 6.63% की मामूली ग्रोथ देखी गई, जिससे ₹102.75 करोड़ का रेवेन्यू आया।

कानूनी जीत और डिविडेंड का तोहफा

कंपनी को ₹10.90 करोड़ की एक 'एक्सेप्शनल इनकम' (Exceptional Income) भी मिली, जो प्रोविजन्स के राइट-बैक से आई। इसके अलावा, एक बड़ी राहत सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले से मिली। कैटरिंग लाइसेंस से जुड़े एक लंबे आर्बिट्रेशन केस में IRCTC के पक्ष में फैसला आने से लगभग ₹74.71 करोड़ की आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) खत्म हो गई।

शेयरहोल्डर्स को खुश करते हुए, IRCTC के बोर्ड ने ₹3.50 प्रति इक्विटी शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया है।

शेयर क्यों गिरा? एनालिस्ट्स की राय

इतने सारे पॉजिटिव डेवलपमेंट के बावजूद, IRCTC के शेयर ने नतीजों वाले दिन यानी 12 फरवरी 2026 को 1.01% की गिरावट के साथ ₹622 पर क्लोजिंग दी। पिछले एक साल में IRCTC का शेयर 18% टूट चुका है, जबकि निफ्टी इस दौरान करीब 11% भागा है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि शेयर का महंगा वैल्यूएशन (TTM P/E Ratio 36-38x के आसपास) और कैटरिंग-टूरिज्म जैसे लो-मार्जिन बिजनेस के विस्तार से पैदा हो रहा मार्जिन प्रेशर निवेशकों को चिंतित कर रहा है। 14-दिन का RSI इंडिकेटर भी 43-44 के स्तर पर है, जो न्यूट्रल से सेल सिग्नल दे रहा है।

हालांकि, एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि भारतीय टूरिज्म सेक्टर में 7% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है, जो IRCTC के टूरिज्म बिजनेस के लिए अच्छा संकेत है। एक्सपर्ट्स का औसतन लक्ष्य ₹800-₹820 के बीच है, जो मौजूदा लेवल से संभावित अपसाइड दिखाता है। लेकिन, कंपनी को ग्रोथ के साथ-साथ मार्जिन को भी मैनेज करना होगा ताकि शेयर की परफॉर्मेंस में सुधार लाया जा सके।

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