IRCTC ने एक ही दिन में **20 लाख** टिकट बुकिंग का बड़ा रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन कंपनी के लिए असली चुनौती मुनाफा बढ़ाना है। शेयर की गिरती चाल और फ्लैट प्रॉफिट निवेशकों के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं।
रिकॉर्ड बुकिंग के पीछे की कहानी
दिवाली और त्योहारी सीजन की आहट के साथ ही IRCTC के प्लेटफॉर्म पर ट्रैफिक ने नया इतिहास रच दिया है। 7 सितंबर, 2026 को कंपनी ने 20 लाख से ज्यादा टिकट बुक किए, और 8 सितंबर को भी यह आंकड़ा 19.5 लाख के करीब रहा। इस भारी ट्रैफिक को कंपनी के अपग्रेडेड 'Next Generation e-Ticketing (NGeT)' सिस्टम ने बिना किसी रुकावट के संभाला। बुकिंग में इस उछाल का एक बड़ा कारण एडवांस रिजर्वेशन विंडो को 120 दिन से घटाकर 60 दिन करना भी है, जिससे लोग अब कम समय में टिकट बुक करने के लिए मजबूर हैं।
मुनाफे पर 'ब्रेक'
ऑपरेशनल मोर्चे पर मिली इस कामयाबी के बावजूद, शेयरहोल्डर्स के लिए तस्वीर थोड़ी धुंधली है। कंपनी का रेवेन्यू तो 18.1% बढ़कर ₹1,370 करोड़ हो गया, लेकिन नेट प्रॉफिट ₹330 करोड़ पर ही सिमट कर रह गया। इसका मुख्य कारण बढ़ता हुआ इनपुट कॉस्ट और कैटरिंग व टूरिज्म जैसे लो-मार्जिन बिजनेस का बड़ा हिस्सा होना है।
निवेशक क्यों हैं परेशान?
कंपनी का शेयर अपने 52-वीक लो के आसपास ट्रेड कर रहा है। हालांकि IRCTC कर्ज मुक्त है और अच्छे रिटर्न रेशियो रखती है, लेकिन मार्केट यह देख रहा है कि क्या कंपनी आने वाले समय में अपने मार्जिन को सुधार पाएगी। कंपनी ने बोट्स (bots) और मैलिशियस ट्रैफिक को रोकने के लिए आधार-आधारित ऑथेंटिकेशन जैसे कदम भी उठाए हैं, जो भविष्य में पारदर्शिता के लिए अच्छे हैं। अब निवेशकों की नजर मैनेजमेंट के कमेंट्री और भविष्य में खर्चों पर कंट्रोल करने की रणनीति पर टिकी है।
