यह डील कंपनी की 'Bid–Execute–Stabilize–Transfer' स्ट्रैटेजी का एक अहम पड़ाव है, जिसके तहत कंपनी मैच्योर (Mature) हो चुके एसेट्स (Assets) से वैल्यू निकालकर उन्हें नए ग्रोथ प्रोजेक्ट्स (Growth Projects) में री-डिप्लॉय (Re-deploy) करती है।
इस ट्रांजेक्शन का सबसे बड़ा फाइनेंशियल (Financial) असर यह होगा कि IRB Infrastructure का कंसोलिडेटेड कर्ज़ (Consolidated Debt) लगभग ₹700 करोड़ तक कम हो जाएगा। यह डी-रेवरेजिंग (Deleveraging) कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) की पोजीशन को काफी मजबूत करेगा और फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी (Financial Flexibility) बढ़ाएगा।
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री वीरेंद्र डी. म्हाईस्कर ने इस डील पर कहा, 'यह ट्रांजेक्शन हमें भविष्य की ग्रोथ इनिशिएटिव्स (Growth Initiatives) को गति देने में मदद करेगा।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी पुराने एसेट्स से वैल्यू जनरेट (Value Generate) करने और कैपिटल को कुशलता से री-डिप्लॉय (Re-deploy) करने में सक्षम है।
Gandeva Ena HAM प्रोजेक्ट गुजरात में NHAI की 'भारतमाला परियोजना' के तहत बन रहे नए दिल्ली-मुंबई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (New Delhi Mumbai Greenfield Expressway) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट में वर्तमान में आठ-लेन (Eight-laning) का काम चल रहा है।
एक्सपर्ट्स (Experts) का मानना है कि यह कदम कंपनी के पोर्टफोलियो को ऑप्टिमाइज़ (Optimise) करने और वैल्यू क्रिएशन (Value Creation) की दिशा में एक स्ट्रेटेजिक स्टेप (Strategic Step) है। अब इस बात पर नजर रहेगी कि कंपनी इस खाली हुए कैपिटल का इस्तेमाल नए प्रोजेक्ट्स में कितनी प्रभावी ढंग से करती है और IRB InvIT Fund अधिग्रहण के बाद कैसा प्रदर्शन करता है। कंपनी की यह स्ट्रैटेजी नए प्रोजेक्ट्स के सफल एग्जीक्यूशन (Execution) और ट्रांसफर्ड एसेट्स (Transferred Assets) से स्टेबल रेवेन्यू (Stable Revenue) पर निर्भर करती है।
इस ट्रांजेक्शन से जुड़ी मुख्य फाइनेंशियल डीटेल्स इस प्रकार हैं:
- हासिल हुई इक्विटी वैल्यू: ₹513 करोड़
- संभावित कर्ज़ में कमी: ~₹700 करोड़
- प्रोजेक्ट: Gandeva Ena HAM प्रोजेक्ट (गुजरात)