Gujarat Pipavav Port ने निर्माण कार्यों में देरी के कारण अपनी नई लिक्विड जेटी (Liquid Jetty) के शुरू होने की समयसीमा को साल 2027 की शुरुआत तक टाल दिया है। हालांकि, मजबूत मांग के चलते कंपनी ने कंटेनर ट्रैफिक ग्रोथ का अनुमान **8-10%** कर दिया है।
जेटी में देरी, लेकिन ऑपरेशनल मजबूती जारी
Gujarat Pipavav Port Limited (GPPL) की 30 लाख टन क्षमता वाली नई लिक्विड जेटी अब मार्च-अप्रैल 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। कंस्ट्रक्शन में देरी की वजह से इसे दिसंबर 2026 से आगे बढ़ाना पड़ा है। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर में इस देरी के बावजूद कंपनी का ऑपरेशनल मोमेंटम दमदार है। मैनेजमेंट ने कंटेनर ट्रैफिक ग्रोथ का अनुमान पहले के 4-5% से बढ़ाकर 8-10% कर दिया है। इसका मुख्य कारण वेस्ट एशिया रूट पर बढ़ता ट्रांस-शिपमेंट वॉल्यूम है।
फाइनेंशियल हेल्थ और डिविडेंड
कंपनी की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है और यह लगभग कर्ज मुक्त है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 62.46% रहा। नेट प्रॉफिट ₹150.10 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.18% कम है। हालांकि, यह गिरावट पिछले साल मिले वन-टाइम इंश्योरेंस गेन के कारण है, न कि बिजनेस की सुस्ती के चलते। साथ ही, कंपनी ने ₹3.00 प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया है, जिसके लिए 12 नवंबर 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
निवेशकों के लिए अहम मुद्दे
निवेशकों की नजर अब कंपनी के कंसेशन एग्रीमेंट के रिन्यूअल पर टिकी है, जो सितंबर 2028 में समाप्त हो रहा है। फिलहाल मैनेजमेंट सरकार के साथ इसे बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहा है, जो कंपनी के भविष्य के लिए सबसे जरूरी घटनाक्रम है। इसके अलावा, कंपनी का RoRo (रोल-ऑन/रोल-ऑफ) सेगमेंट, जो ईवी (EV) एक्सपोर्ट को हैंडल करता है, उसमें 20% ग्रोथ की उम्मीद है, जो लॉन्ग टर्म में कंपनी के लिए एक बड़ा ट्रिगर साबित हो सकता है।
