Gujarat Green Mobility Policy 2026: **30%** ग्रीन व्हीकल का लक्ष्य, ऑटो सेक्टर के लिए क्या हैं मायने?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gujarat Green Mobility Policy 2026: **30%** ग्रीन व्हीकल का लक्ष्य, ऑटो सेक्टर के लिए क्या हैं मायने?

गुजरात सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'ग्रीन मोबिलिटी पॉलिसी 2026' का ऐलान कर दिया है। सरकार का लक्ष्य 2031 तक राज्य में होने वाले नए रजिस्ट्रेशन में **30%** हिस्सेदारी ग्रीन व्हीकल (EV, हाइड्रोजन, इथेनॉल) की रखने की है।

सरकार का रोडमैप और इंसेंटिव्स

इस नई पॉलिसी के तहत 1 जनवरी, 2029 से टू-व्हीलर, पैसेंजर कार और लाइट गुड्स व्हीकल को ग्रीन कैटेगरी में शिफ्ट करने की योजना है। इस बदलाव को रफ्तार देने के लिए सरकार हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशनों पर 30% तक कैपिटल सब्सिडी और पुरानी गाड़ियों को हटाने के लिए स्क्रैपेज इंसेंटिव देने जा रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौती

पॉलिसी के सामने सबसे बड़ा चैलेंज केवल गाड़ियां बेचना नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। अहमदाबाद जैसे शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम अभी भी नेशनल बेंचमार्क से काफी पीछे है। जानकारों का मानना है कि केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों से प्रदूषण और ट्रैफिक कम नहीं होगा, जब तक कि हाई-कैपेसिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को इसके साथ नहीं जोड़ा जाता।

निवेशकों के लिए संकेत

यह पॉलिसी EV सप्लाई चेन, क्लीन एनर्जी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए नए अवसर खोल रही है। चूंकि सरकार ने हाइड्रोजन और इथेनॉल पर भी फोकस किया है, इसलिए जो कंपनियां डायवर्सिफाइड क्लीन-एनर्जी पोर्टफोलियो रखती हैं, उन्हें ज्यादा फायदा मिल सकता है। हालांकि, बैटरी मटेरियल की उपलब्धता, कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता और चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार अभी भी ऐसे बड़े फैक्टर्स हैं, जिन पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.