UDAN Scheme का बड़ा विस्तार: सरकार ने मंजूर किए ₹28,840 करोड़, 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपोर्ट बनेंगे!

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
UDAN Scheme का बड़ा विस्तार: सरकार ने मंजूर किए ₹28,840 करोड़, 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपोर्ट बनेंगे!

देश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम UDAN (उड़ान) को अगले 10 साल, यानी FY 2035-36 तक के लिए ₹28,840 करोड़ के बजट के साथ मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत सरकार **100 नए एयरपोर्ट** और **200 नए हेलीपोर्ट** बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

डायरेक्ट बजट सपोर्ट और लंबी सब्सिडी

सरकार ने इस बार UDAN योजना के लिए फंडिग का तरीका भी बदला है। पहले जहां इस स्कीम को एयर टिकट पर लगने वाले सरचार्ज (cess) से फंड मिलता था, वहीं अब इसे सीधे सरकारी बजट से ₹28,840 करोड़ दिए जाएंगे। यह योजना FY 2026-27 से FY 2035-36 तक लागू रहेगी।

इस बड़े फंड का एक अहम हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए रखा गया है। ₹12,159 करोड़ नए एयरपोर्ट (aerodromes) बनाने पर खर्च होंगे, जबकि ₹10,043 करोड़ वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) यानी एयरलाइंस को सब्सिडी देने के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा, ₹3,661 करोड़ 200 नए हेलीपोर्ट के निर्माण और ₹2,577 करोड़ मेंटेनेंस और ऑपरेशनल सपोर्ट के लिए आवंटित किए गए हैं।

एयरलाइंस को 5 साल तक मिलेगी सब्सिडी

स्कीम में एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब रीजनल एयरलाइंस को सब्सिडी 3 साल की जगह 5 साल तक मिलेगी। इसका मकसद यह है कि नई एयर रूट्स को व्यावसायिक रूप से मजबूत होने के लिए ज्यादा समय मिल सके और एयरलाइंस पर अचानक वित्तीय बोझ न पड़े।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

इस फैसले से एविएशन सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए एक साफ रोडमैप तैयार हो गया है। 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपोर्ट बनाने के लक्ष्य से कंस्ट्रक्शन और एयरपोर्ट मैनेजमेंट कंपनियों को नए अवसर मिलेंगे।

चुनौतियां और जोखिम

हालांकि, इस योजना में कुछ चुनौतियां भी हैं। सीधे सरकारी बजट से इतना पैसा लगाने पर सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। साथ ही, रीजनल रूट्स पर हवाई यातायात का भविष्य अभी भी पूरी तरह से साबित नहीं हुआ है। छोटे एयरपोर्ट पर ऑपरेशन और मेंटेनेंस का खर्च ज्यादा हो सकता है, जो सब्सिडी खत्म होने के बाद दिक्कतें खड़ी कर सकता है। 300 नई जगहों (एयरपोर्ट और हेलीपोर्ट) का निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें जमीन अधिग्रहण और क्लीयरेंस जैसे कई मुद्दे शामिल हैं।

निवेशकों की नजर अब इन प्रोजेक्ट्स के टाइमलाइन और सब्सिडी की अवधि में रीजनल एयरलाइंस की लाभप्रदता पर रहेगी। योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि फंड का कितना कुशल उपयोग होता है और रीजनल कनेक्टिविटी वाकई में कितनी मजबूत होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.