Airports Privatization: सरकार का बड़ा फैसला, 5 बंडल में नीलाम होंगे 11 एयरपोर्ट्स

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AuthorNeha Patil|Published at:
Airports Privatization: सरकार का बड़ा फैसला, 5 बंडल में नीलाम होंगे 11 एयरपोर्ट्स

Airports Authority of India (AAI) दिसंबर 2026 में 11 हवाई अड्डों के लिए ग्लोबल बिडिंग शुरू करने जा रही है। इन एयरपोर्ट्स को 5 स्ट्रैटेजिक बंडल्स में बांटा गया है, जिससे ₹8,622 करोड़ का प्राइवेट निवेश जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्राइवेटाइजेशन का नया मॉडल

AAI इस बार एक नई रणनीति के साथ मैदान में उतर रही है। अब तक इंडिविजुअल एसेट सेल के बजाय, सरकार ने 'बंडलिंग मॉडल' अपनाया है। इसके तहत बड़े और व्यस्त हवाई अड्डों को छोटे और उभरते हवाई अड्डों के साथ जोड़ा गया है। 50 साल की लंबी लीज अवधि के साथ, यह प्लान छोटे एयरपोर्ट्स को भी निवेशकों के लिए आकर्षक बनाने की कोशिश है, ताकि वे बड़े हब की ऑपरेशनल एफिशिएंसी का फायदा उठा सकें।

मोनोपॉली रोकने के लिए नियम

पिछली बार की नीलामी में कुछ ही बड़ी कंपनियों का दबदबा देखने को मिला था, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बार 'बंडल कैप' लागू किया है। यानी कोई एक कंपनी एक सीमा से ज्यादा बंडल नहीं खरीद पाएगी। इससे Adani Group और GMR Group जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ-साथ JSW Group जैसी कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।

ये हैं प्रस्तावित क्लस्टर्स

नीलामी के लिए कुल 5 ग्रुप बनाए गए हैं:

  1. वाराणसी, गया और कुशीनगर
  2. अमृतसर और कांगड़ा
  3. भुवनेश्वर और हुबली
  4. रायपुर और औरंगाबाद
  5. तिरुचिरापल्ली और तिरुपति

सरकार का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 के अंत तक इस पूरी कंसेशन प्रक्रिया को पूरा करने का है। दुबई और सिंगापुर जैसे ग्लोबल हब्स में रोडशो के जरिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भी लुभाने की तैयारी चल रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.