नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने Adani Airport Holdings को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एक-तिहाई इंटरनेशनल फ्लाइट्स को नवी मुंबई शिफ्ट करने से फिलहाल रोक दिया है। यह फैसला एयरलाइंस के कड़े विरोध के बाद लिया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी एक बड़ी योजना पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। Adani Airport Holdings Ltd (AAHL) की योजना 25 अक्टूबर से एयरपोर्ट की एक-तिहाई इंटरनेशनल फ्लाइट्स को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने की थी, लेकिन अब इसे टाल दिया गया है।
क्यों हुआ विरोध?
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई थी। एयरलाइंस का कहना है कि इतने कम समय में इतना बड़ा ऑपरेशनल बदलाव करना असंभव है। विंटर शेड्यूल पहले ही फाइनल हो चुके हैं और टिकटें बिक चुकी हैं। अचानक फ्लाइट स्लॉट्स में बदलाव से न केवल यात्रियों को परेशानी होती, बल्कि एयरलाइंस को भारी कमर्शियल नुकसान भी उठाना पड़ता।
टर्मिनल 1 का भविष्य
यह पूरी कवायद टर्मिनल 1 के पुनर्विकास (Redevelopment) के लिए जगह खाली करने की रणनीति का हिस्सा थी। करीब 60 साल पुराने इस टर्मिनल की मरम्मत जनवरी 2027 से शुरू होनी है, ताकि सुरक्षा और क्षमता से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जा सके।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल रिस्क
Adani Airport Holdings ने हाल ही में सितंबर 2026 में $1 बिलियन की इक्विटी फंडिंग जुटाई थी, जिससे कंपनी का वैल्यूएशन $18 बिलियन तक पहुंच गया है। हालांकि, इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ऑपरेशनल चुनौतियां और रेगुलेटरी दबाव अक्सर काम की गति को धीमा कर देते हैं।
आगे क्या?
मंत्रालय ने AAHL और एयरलाइंस प्रतिनिधियों को 13 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को बैठक करने का आदेश दिया है। अब इन मीटिंग्स में ही तय होगा कि फ्लाइट्स शिफ्ट करने का नया प्लान क्या होगा। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी कैसे बिना सर्विस लेवल को प्रभावित किए इन बदलावों को लागू करती है।
