Mega Ports: सरकार ने चुनी देश की 4 सबसे बड़ी बंदरगाह, Adani के Mundra Port को मिला खास दर्जा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Mega Ports: सरकार ने चुनी देश की 4 सबसे बड़ी बंदरगाह, Adani के Mundra Port को मिला खास दर्जा

Ministry of Ports, Shipping, and Waterways ने देश के 4 बड़े पोर्ट्स को 'मेगा पोर्ट' का दर्जा दिया है। इसमें Adani Ports का Mundra Port एकमात्र प्राइवेट पोर्ट शामिल है।

भारत सरकार के Ministry of Ports, Shipping, and Waterways ने देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता को नई रफ्तार देने के लिए 4 प्रमुख बंदरगाहों को 'मेगा पोर्ट्स' के रूप में चुना है। इस सूची में Deendayal Port, Jawaharlal Nehru Port (JNPT), Paradip Port के साथ Adani Ports का फ्लैगशिप Mundra Port भी शामिल है। यह दर्जा किसी सरकारी नियंत्रण के आधार पर नहीं, बल्कि कठोर परफॉरमेंस और कार्गो हैंडलिंग क्षमता के आधार पर दिया गया है।

क्या हैं नए नियम?

इस 'मेगा पोर्ट' स्टेटस को अगले 5 साल तक बरकरार रखने के लिए पोर्ट्स को कड़े मानक पूरे करने होंगे। शर्त यह है कि पोर्ट को सालाना कम से कम 150 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो या 7.5 मिलियन TEUs (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स) कंटेनर ट्रैफिक हैंडल करना होगा। यह कदम नेशनल ट्रेड एफिशिएंसी को बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को उन जगहों पर प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है, जो देश की इकॉनमी में सबसे बड़ा योगदान दे रहे हैं।

निवेशकों के लिए संकेत

Adani Ports के Mundra Port का इस सूची में एकमात्र प्राइवेट प्लेयर के रूप में शामिल होना कंपनी के लिए एक बड़ा 'वैल्यूएशन ट्रिगर' साबित हो सकता है। यह दर्जा न केवल पोर्ट के विशाल स्केल को मान्यता देता है, बल्कि भविष्य में सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और कनेक्टिविटी के साथ बेहतर तालमेल की उम्मीद भी जगाता है।

सरकारी बंदरगाहों में JNPT कंटेनर ट्रैफिक में मुख्य खिलाड़ी है, जबकि Paradip पोर्ट ड्राई बल्क गुड्स के लिए देश का गेटवे माना जाता है। अब नजरें इस बात पर होंगी कि ये पोर्ट्स कैसे अपने वॉल्यूम को बरकरार रखते हैं, क्योंकि सरकार हर 5 साल में इस परफॉरमेंस की समीक्षा करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.