🚫 ऑडिटर की रिपोर्ट ने उड़ाए होश!
Gayatri Highways Limited के तिमाही नतीजों पर कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर M/s. PRSV & Co. LLP की एक क्वालिफाइड रिपोर्ट ने गहरा असर डाला है। इस रिपोर्ट ने कंपनी के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- पेंडिंग लोन राइट-बैक: ₹17,887.51 लाख के जीरो इंटरेस्ट सबऑर्डिनेट लोन (ZISL) को गायत्री प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को राइट-बैक करने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि अभी तक इसकी कन्फर्मेशन नहीं मिली है। यह एक बड़ी कंटिंजेंट लायबिलिटी है।
- डेट डिफॉल्ट और कम दिखाया गया इंटरेस्ट: कंपनी टर्म लोन में ₹5,015.86 लाख का डिफॉल्ट कर चुकी है। इनमें से ₹3,822.65 लाख प्रिंसिपल और ₹1,193.21 लाख इंटरेस्ट (31 मार्च 2023 तक) IL&FS Financial Services Limited को बकाए हैं। ऑडिटर ने यह भी पाया कि चालू अवधि के लिए इस लोन पर इंटरेस्ट नहीं दिखाया गया, जिससे 9M FY26 के लिए ₹432.01 लाख तक का खर्च कम दिखाया गया हो सकता है।
- इंपेयरमेंट की चिंता: ऑडिटर को यह भी चिंता है कि Cyberabad Expressways Limited (CEL) में ₹4,431.54 लाख और Hyderabad Expressways Limited (HEL) में ₹1,602.24 लाख के इन्वेस्टमेंट और लोन पर फुल इंपेयरमेंट की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि इन कंपनियों की नेट वर्थ बुरी तरह प्रभावित हुई है। अगर इन पर इंपेयरमेंट नहीं किया गया, तो कंसोलिडेटेड लॉस कम और अन्य इक्विटी ज्यादा दिख सकती है, करीब ₹4,298.27 लाख तक।
- सब्सिडियरी कंसोलिडेशन में दिक्कत: ऑडिटर यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि इंदौर देवास टोलवेज लिमिटेड (IDTL) को पूरी तरह से कंसोलिडेट न करने का क्या असर पड़ेगा, जो फिलहाल कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) और लिक्विडेशन से गुजर रही है।
📊 मुनाफे का गणित और असलियत
कंपनी ने Q3 FY26 की नौ महीनों (9M FY26) की अवधि में ₹2,292.58 लाख का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹536.51 लाख से काफी ज्यादा है। लेकिन, यह मुनाफा मुख्य रूप से ₹3,693.48 लाख की 'Other Income' की वजह से है, जो कंपनी के मुख्य बिजनेस से जुड़ा नहीं है।
वहीं, Q3 FY26 की स्टैंडअलोन तिमाही में कंपनी को ₹350.91 लाख का नेट लॉस हुआ, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹393.22 लाख के लॉस से थोड़ा कम है।
कंसोलिडेटेड बेसिस पर, 9M FY26 में नेट प्रॉफिट ₹2,291.69 लाख रहा, जो पिछले साल से बेहतर है। हालांकि, कंपनी ने कुल ₹812.40 लाख का कॉम्प्रिहेंसिव लॉस दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में यह लॉस ₹21,834.40 लाख था। कंसोलिडेटेड नंबर्स पर ज्वाइंट वेंचर की परफॉर्मेंस का असर दिख रहा है।
9M FY26 के लिए स्टैंडअलोन ईपीएस (EPS) ₹0.96 रहा, जबकि कंसोलिडेटेड ईपीएस ₹(0.34) रहा।
🚩 निवेशकों के लिए चेतावनी
Gayatri Highways के सामने वित्तीय जोखिम काफी ज्यादा हैं, खासकर ऑडिटर की गंभीर चिंताओं के चलते। ₹2,292.58 लाख का स्टैंडअलोन मुनाफा 'Other Income' और ऑडिटर द्वारा उठाए गए सवालों (डेट डिफॉल्ट, कम दिखाया गया खर्च, इंपेयरमेंट लॉस) के कारण भरोसेमंद नहीं लगता। कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस में सुधार दिख रहा है, लेकिन अभी भी कुल मिलाकर नुकसान ही है।
कंपनी ने HKR Roadways Limited (एक ज्वाइंटली कंट्रोल्ड एंटिटी) में अपनी हिस्सेदारी की खरीद/बिक्री के लिए एक सिक्योरिटीज परचेज एग्रीमेंट को भी मंजूरी दी है। इस डील का नतीजा कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
निवेशकों को इन बातों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए:
- ZISL राइट-बैक कन्फर्मेशन की प्रक्रिया।
- डेट डिफॉल्ट को सुलझाने और IL&FS लोन पर कंपनी की योजनाएं।
- CEL और HEL में संभावित इंपेयरमेंट पर कोई अपडेट।
- HKR Roadways हिस्सेदारी वाले ट्रांजेक्शन का वित्तीय असर।
कंपनी ने कोई फॉरवर्ड- लुकिंग गाइडेंस नहीं दिया है, इसलिए भविष्य का रास्ता मैनेजमेंट द्वारा इन गंभीर ऑडिटर चिंताओं को कैसे दूर किया जाता है, इस पर निर्भर करेगा।