Gaya-Patna Rail Line Wire Theft: 3 घंटे ठप रहा रेल यातायात, चोरी हुआ 100 मीटर तार

TRANSPORTATION
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AuthorMehul Desai|Published at:
Gaya-Patna Rail Line Wire Theft: 3 घंटे ठप रहा रेल यातायात, चोरी हुआ 100 मीटर तार

गया-पटना रेल सेक्शन पर सुबह-सुबह बड़ा हंगामा हो गया। 100 मीटर ओवरहेड बिजली के तार चोरी होने की वजह से 3 घंटे तक ट्रेनों का परिचालन ठप रहा। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने चोरी हुआ सामान बरामद कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

बिहार के लिए अहम रेल मार्ग, गया-पटना रेल कॉरिडोर पर गुरुवार की सुबह बड़ा व्यवधान आया। शरारती तत्वों ने बीती रात 100 मीटर से ज़्यादा 25,000-वोल्ट के ओवरहेड बिजली के तार चुरा लिए। यह तार इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को पावर देने के लिए ज़रूरी थे और इन्हें तेहता व जहानाबाद स्टेशनों के बीच से काटा गया।

सुबह करीब 3:05 बजे शुरू हुई इस गड़बड़ी के कारण रेलवे अधिकारियों को प्रभावित हिस्से पर ट्रेनों की सामान्य आवाजाही रोकनी पड़ी। यात्रियों को ज़्यादा परेशानी न हो, इसके लिए सिंगल-लाइन वर्किंग लागू की गई, जिससे ट्रेनें कम रफ़्तार पर इस इलाके से गुज़र सकें, जबकि मरम्मत टीमें बिजली सप्लाई बहाल करने में जुटी थीं।

मरम्मत और सुरक्षा

रेलवे की मेंटेनेंस टीमों ने सुबह 6:26 बजे तक ज़रूरी मरम्मत का काम पूरा कर लिया और लगभग तीन घंटे की देरी के बाद ओवरहेड लाइन को सुरक्षित चलने लायक घोषित कर दिया। हालांकि, तकनीकी समस्या जल्दी सुलझा ली गई, लेकिन इस घटना ने रेलवे के ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने में आ रही सुरक्षा चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने घटना के तुरंत बाद तांबे से भरपूर चोरी हुए बिजली के तार बरामद कर लिए। अधिकारियों ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। यात्रियों और माल ढुलाई के लिए इस कॉरिडोर की विश्वसनीयता बहुत अहम है, और किसी भी लंबे डाउनटाइम से पूरे क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स में बड़ी दिक्कतें आ सकती हैं।

भविष्य में, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के निवेशक और हितधारक इस बात पर नज़र रख सकते हैं कि क्या भारतीय रेलवे ऐसे सुरक्षा उल्लंघनों को रोकने के लिए व्यस्त क्षेत्रीय कॉरिडोर पर अतिरिक्त निगरानी या मज़बूत सुरक्षा उपाय लागू करता है। ऐसी घटनाओं की आवृत्ति और मरम्मत के लिए लगने वाला समय, क्षेत्रीय रेलवे मेंटेनेंस ऑपरेशन्स की कुशलता के महत्वपूर्ण संकेतक बने रहेंगे।

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