मध्यप्रदेश में रेल प्रोजेक्ट पर GR Infra का कब्जा
GR Infraprojects ने वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे के साथ ₹1,897.51 करोड़ का एक महत्वपूर्ण EPC (Engineering, Procurement, and Construction) एग्रीमेंट साइन किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट मध्यप्रदेश के सीधी-सिंगरौली नई रेल लिंक का हिस्सा है, जिसके तहत बहारी और गोंडावली स्टेशनों के बीच नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट में अर्थवर्क, ब्रिज, टनल, स्टेशन बिल्डिंग और ट्रैक इंस्टॉलेशन जैसे काम शामिल होंगे। यह डील 2 अप्रैल 2026 को फाइनल हुई।
दमदार Q3 नतीजों के बाद भी शेयर पर दबाव
यह प्रोजेक्ट जीतना कंपनी के मजबूत Q3 FY26 नतीजों के बाद आया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 37.70% बढ़कर ₹232.15 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 35.91% बढ़कर ₹2,039.49 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी को उम्मीद है कि पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में उसका मुनाफा ₹805.58 करोड़ रहेगा।
वैल्यूएशन और स्टॉक परफॉर्मेंस में बड़ा अंतर
हालांकि, इन सबके बावजूद कंपनी के शेयर की चाल धीमी है। पिछले एक साल में शेयर 15.66% टूट चुका है और अपने 52-हफ्ते के हाई ₹1,444.40 से काफी नीचे ₹844 के आसपास कारोबार कर रहा है। कंपनी की मार्केट कैप लगभग ₹8.2 ट्रिलियन है। GR Infraprojects का वैल्यूएशन भी इंडस्ट्री के मुकाबले काफी कम है। इसका P/E रेशियो 7.4x-8.9x के बीच है, जो भारतीय कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के औसत 14.5x और इसके प्रतिद्वंद्वियों के औसत 41.2x से बहुत कम है।
कॉम्पिटिशन और शेयर पर रिएक्ट न करने की वजह
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में गलाकाट कॉम्पिटिशन है। GR Infraprojects को Ashoka Buildcon (P/E 3.4x) और J Kumar Infraprojects (P/E 14.1x) जैसे प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़ता है। मार्च 2026 के अंत में ₹2,440 करोड़ का NHAI हाईवे ऑर्डर मिलने के बावजूद, शेयर में कोई खास तेजी नहीं आई, बल्कि कभी-कभी मामूली गिरावट भी देखी गई। यह दिखाता है कि कंपनी के लिए नए बिजनेस को स्टॉक प्राइस में बदलना एक चुनौती बनी हुई है।
एग्जीक्यूशन रिस्क और आगे का आउटलुक
निवेशक GR Infra की प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और मार्जिन प्रेशर को मैनेज करने की क्षमता पर नजरें गड़ाए हुए हैं। ₹1,897.51 करोड़ का नया रेल प्रोजेक्ट, कंपनी के बड़े ऑर्डर बुक में जुड़ गया है, जिसे एफिशिएंट मैनेजमेंट की जरूरत है। 5 साल में कंपनी की सेल्स ग्रोथ मात्र 3.02% रही है, जो थोड़ी चिंताजनक है। हालांकि, एक्सपर्ट्स अब भी उम्मीद जता रहे हैं। दस एनालिस्ट्स में से 80% ने 'Buy' रेटिंग दी है और तीन ब्रोकर्स ने ₹1,363.33 का एवरेज टारगेट प्राइस सेट किया है। पर शेयर का मौजूदा लो P/E और साल भर की गिरावट दिखाती है कि निवेशकों का भरोसा थोड़ा डिगा हुआ है। प्रोजेक्ट्स को समय पर और बजट में पूरा करना ही शेयर के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कुंजी होगा।