GMR Group अब वेस्ट एशिया, सेंट्रल एशिया और ईस्टर्न यूरोप में एयरपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की तैयारी में है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में **₹148 करोड़** का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹137 करोड़** के लॉस से एक बड़ा उलटफेर है।
ग्लोबल मार्केट पर नज़र
कंपनी के चेयरमैन जी एम राव ने साफ कर दिया है कि GMR अब केवल बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी 'एसेट-लाइट' बिजनेस मॉडल अपना रही है, जिसका मतलब है कि अब वे एयरपोर्ट्स के ऑपरेशंस, मेंटेनेंस, कार्गो और ड्यूटी-फ्री रिटेल जैसे मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स पर ज्यादा ध्यान देंगे। इससे कंपनी को कम रिस्क के साथ नए बाजारों में पैर पसारने में मदद मिलेगी।
बैलेंस शीट को मजबूती
वित्तीय रिकवरी को रफ्तार देने के लिए कंपनी बोर्ड से फंड जुटाने की मंजूरी ले चुकी है। इक्विटी और नॉन-कंवर्टिबल बॉन्ड्स के जरिए पैसे जुटाकर कंपनी अपने कर्ज को रिफाइनेंस करने की तैयारी में है।
घरेलू मोर्चे पर बड़ा दांव
कंपनी ने आंध्र प्रदेश में भोगपुरम एयरपोर्ट का उद्घाटन किया है और इसके साथ ही दिल्ली और हैदराबाद के अपने मुख्य हब में ₹19,400 करोड़ का भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्रोग्राम जारी रखा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
शेयर फिलहाल ₹98 के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव और कंपनी का ऊंचा कर्ज का स्तर निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। क्या कंपनी समय पर अपने घरेलू प्रोजेक्ट्स पूरे कर पाएगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए कॉन्ट्रैक्ट्स जीत पाएगी? आने वाले दिनों में मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नज़र रखना जरूरी होगा।
