Delhi International Airport (DIAL) ने Terminal 3 पर एक नया अंतरराष्ट्रीय पियर शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी **₹2,100 करोड़** के एक बड़े एक्सपेंशन प्लान पर काम कर रही है, जिससे सालाना पैसेंजर कैपेसिटी में **1.6 करोड़** की बढ़ोतरी होगी।
क्षमता बढ़ाने की तैयारी
दिल्ली एयरपोर्ट (DIAL) ने हवाई ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना शुरू कर दिया है। आज, 9 सितंबर, 2026 से Terminal 3 पर 'Pier C' का संचालन शुरू हो गया है। इस कदम से एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर क्षमता में 50% का उछाल आया है, जो अब 3.1 करोड़ सालाना हो गई है।
क्या है भविष्य का प्लान?
कंपनी का लक्ष्य अब ₹2,100 करोड़ की लागत से 'Pier E' तैयार करना है, जिससे Terminal 3 की कुल अंतरराष्ट्रीय हैंडलिंग क्षमता 4.6 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी। यह मौजूदा क्षमता से 53% ज्यादा है। इसके अलावा, Terminal 1 पर भी ₹100 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं, ताकि डोमेस्टिक क्षमता को 4.5 करोड़ तक ले जाया जा सके। ये सभी प्रयास 2030 तक एयरपोर्ट की कुल क्षमता को 12.5 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने के '10-year master plan' का हिस्सा हैं।
GMR ग्रुप का निवेश और रिस्क
GMR ग्रुप ने दिल्ली और हैदराबाद एयरपोर्ट के विस्तार के लिए कुल ₹19,400 करोड़ का फंड रखा है, जिसमें से दिल्ली के लिए ₹5,600 करोड़ आवंटित किए गए हैं। हालांकि, जून 2026 में Noida International Airport के खुलने के बाद कॉम्पिटिशन बढ़ा है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि कंपनी इस भारी-भरकम डेट-फंडेड विस्तार को कैसे मैनेज करती है और नोएडा एयरपोर्ट से मिलने वाली चुनौती का मुकाबला कैसे करती है।
