एनालिस्ट का 'Buy' कॉल और नॉन-एरो रेवेन्यू का जलवा
Kotak Institutional Equities की तरफ से 'Buy' रेटिंग मिलने के बाद GMR Airports के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ गई है। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और नॉन-एरो (गैर-हवाई अड्डों से जुड़े) और रियल एस्टेट रेवेन्यू पर बढ़ते फोकस को पॉजिटिव संकेत माना है। Kotak ने शेयर के लिए टारगेट प्राइस ₹112 तय किया है, जो मौजूदा ₹102.20 के स्तर से करीब 8.75% ऊपर है। दिसंबर तिमाही में EBITDA में 16% का बड़ा उछाल देखा गया, जिसमें ऑपरेशनल सुधारों का 7% और अन्य अस्थायी खर्चों का 9% योगदान रहा।
यह तेजी इस बात का सबूत है कि GMR Airports के लिए नॉन-एरो रेवेन्यू कितना अहम हो गया है। अब कंपनी का कुल नॉन-एरो रेवेन्यू, उसके एविएशन रेवेन्यू का 1.5 गुना हो गया है। पिछले 4 हफ्तों में शेयर में 15% की बढ़त देखी गई है, और पिछले एक साल में इसने 45.57% का शानदार रिटर्न दिया है।
वैल्यूएशन पर सवाल, पर भविष्य पर दांव
हालांकि, एनालिस्ट्स का रुख पॉजिटिव है, GMR Airports का वैल्यूएशन थोड़ा जटिल है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो -334.46 है, जो इंडस्ट्री के औसत P/E 41.56 से काफी अलग है। इसके अलावा, शेयरहोल्डर इक्विटी ₹-18.6 अरब है, जो कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेश्यो को -15.03 तक ले जाता है। इन सबके बावजूद, कंपनी का मार्केट कैप ₹1,06,139 करोड़ है, जो दिखाता है कि निवेशक भविष्य की ग्रोथ पर दांव लगा रहे हैं।
भारतीय एविएशन सेक्टर खुद ग्रोथ की राह पर है। उम्मीद है कि FY2026 में एयरपोर्ट ऑपरेटर्स का रेवेन्यू 18-20% की दर से बढ़ेगा। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹92,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश कर रही है, जो GMR Airports के एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स के लिए एक अच्छा माहौल तैयार करता है।
मुनाफे पर एकमुश्त खर्चों की मार
लेकिन, रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ के पीछे कंपनी के लिए कुछ फाइनेंशियल चुनौतियाँ भी हैं। दिसंबर तिमाही (FY26) में नेट प्रॉफिट 14% घटकर ₹173.96 करोड़ रहा। इसकी मुख्य वजह ₹183.12 करोड़ का एकमुश्त खर्च था। इसमें तुर्की की कंपनी Celebi के साथ एग्रीमेंट खत्म करने के ₹113.47 करोड़ और नए लेबर कोड्स से जुड़े ₹69.65 करोड़ का खर्च शामिल है। पिछले 3 सालों में कंपनी के प्रॉफिट ग्रोथ में कमी और नेगेटिव रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी चिंता का विषय हैं। कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो सिर्फ 0.9x है, जो ₹40,913 करोड़ के भारी कर्ज को चुकाने की क्षमता पर सवाल खड़े करता है। पिछले 5 सालों का EBITDA मार्जिन भी कुछ विश्लेषणों के अनुसार -43.28% रहा है, हालांकि अन्य मेट्रिक्स पॉजिटिव EBITDA मार्जिन दिखाते हैं।
भविष्य की उम्मीदें और एनालिस्ट्स का भरोसा
इन फाइनेंशियल रिस्क के बावजूद, GMR Airports के लिए एनालिस्ट्स का भरोसा बना हुआ है। करीब 86% एनालिस्ट्स 'Buy' की सलाह दे रहे हैं, और उनका औसत टारगेट प्राइस ₹112.67 है। उन्हें उम्मीद है कि नॉन-एरो और रियल एस्टेट बिजनेस कंसोलिडेटेड EBITDA में 70% तक का योगदान देंगे, जिससे FY2028 तक कंपनी का कर्ज घटकर लगभग 3 गुना रह जाएगा (जो अभी करीब 5 गुना है)। FY2029 से डिविडेंड मिलने की भी उम्मीद है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी की मौजूदा नेगेटिव इक्विटी और एकमुश्त खर्चों के असर को ध्यान में रखते हुए भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों को तौलना होगा।