GMR Airports Q2 Results: कंपनी का मुनाफा **86%** बढ़ा, पर बैलेंस शीट में छुपा है बड़ा रिस्क

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AuthorMehul Desai|Published at:
GMR Airports Q2 Results: कंपनी का मुनाफा **86%** बढ़ा, पर बैलेंस शीट में छुपा है बड़ा रिस्क

GMR Airports Infrastructure ने सितंबर तिमाही में **₹65.38 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **86%** अधिक है। हालांकि, दमदार पैसेंजर ट्रैफिक के बावजूद कंपनी को कुल घाटा (Comprehensive Loss) भी हुआ है।

GMR Airports Infrastructure ने सितंबर तिमाही के लिए शानदार नंबर्स पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा पिछले साल की इसी अवधि के ₹35.06 करोड़ से बढ़कर ₹65.38 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी की कुल इनकम भी पिछले साल के ₹3,754.38 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹4,188.49 करोड़ दर्ज की गई है। यह उछाल मुख्य रूप से दिल्ली और हैदराबाद एयरपोर्ट्स पर बढ़ते पैसेंजर ट्रैफिक की वजह से आया है, जहां इस तिमाही में कुल 2.8 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की।

मुनाफे के बीच घाटे का पेच

ऑपरेशनल तौर पर कंपनी भले ही मजबूत दिख रही हो, लेकिन निवेशकों को इसके 'टोटल कॉम्प्रिहेंसिव लॉस' पर नजर रखनी चाहिए। इस तिमाही में कंपनी को ₹80.75 करोड़ का कुल कॉम्प्रिहेंसिव लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹14.30 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था। इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में ऐसा अक्सर फॉरेन एक्सचेंज उतार-चढ़ाव, हेजिंग एडजस्टमेंट्स और लंबी अवधि की संपत्तियों के वैल्यूएशन में बदलाव के कारण होता है।

नई नियुक्तियां और भविष्य की राह

नतीजों के साथ ही कंपनी ने मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव करते हुए संजीव गुप्ता को एडिशनल डायरेक्टर और डिप्टी CEO नियुक्त किया है, जो 29 अक्टूबर से प्रभावी है।

निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती कंपनी का कर्ज (Debt) प्रबंधन है। एयरपोर्ट सेक्टर में भारी इन्वेस्टमेंट की जरूरत होती है, जिससे फाइनेंसिंग कॉस्ट बढ़ जाती है। शेयरधारकों को अब यह देखना होगा कि क्या कंपनी इस बढ़ते पैसेंजर ट्रैफिक से इतना कैश फ्लो जेनरेट कर पा रही है जो उसके इंटरेस्ट पेमेंट्स और कर्ज के बोझ को आसानी से संभाल सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.