GMR Airports ने आंध्र प्रदेश में अपना नया एयरपोर्ट, Alluri Sitarama Raju International Airport, चालू कर दिया है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन निवेशक इसके भारी कर्ज और फंड जुटाने की योजनाओं पर भी नज़र रखे हुए हैं।
भोगापुरम एयरपोर्ट से शुरू हुई उड़ानें
17 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के भोगापुरम में स्थित Alluri Sitarama Raju International Airport से वाणिज्यिक उड़ानें (Commercial Flights) शुरू हो गई हैं। GMR Visakhapatnam International Airport Ltd (GVIAL), जो GMR Airports Infrastructure Limited की सब्सिडियरी है, इस नए एयरपोर्ट का संचालन करेगी। यह नया एयरपोर्ट अब पुराने विशाखापत्तनम एयरपोर्ट की जगह लेगा और यात्रियों की सुविधाओं के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स को भी बेहतर बनाएगा।
GMR Airports के लिए एक बड़ा कदम
GMR Airports के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि कंपनी अपने पोर्टफोलियो में नए एसेट्स जोड़ रही है। इस नए एयरपोर्ट में 3,800 मीटर का रनवे है, जो बड़े विमानों को भी संभालने में सक्षम है। इसकी शुरुआती क्षमता 60 लाख यात्रियों प्रति वर्ष होगी। यह विस्तार कंपनी की भारत के एविएशन सेक्टर में मजबूत पकड़ बनाने की योजना का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
मुनाफे में वापसी, पर कर्ज का साया
हालांकि, नए एयरपोर्ट का संचालन शुरू होना एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन कंपनी के वित्तीय हालात पर सबकी नजरें हैं। GMR Airports ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में ₹91 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के घाटे से एक अच्छी वापसी है। इसके बावजूद, कंपनी पर लगभग ₹34,000 करोड़ का भारी कर्ज है। इस कर्ज के ब्याज का भुगतान करते हुए मुनाफे को बनाए रखना मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
फंड जुटाने की बड़ी योजना
कर्ज का बोझ कम करने के लिए, कंपनी के बोर्ड ने फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत, कंपनी ₹5,000 करोड़ इक्विटी या अन्य सिक्योरिटीज के जरिए और ₹1,500 करोड़ नॉन-कन्वर्टिबल बॉन्ड के जरिए जुटाएगी। इन पैसों का इस्तेमाल डेट रीफाइनेंसिंग (Debt Refinancing) के लिए किया जाएगा, जिससे भविष्य में ब्याज की लागत कम हो सकती है। हालांकि, नए शेयर जारी करने से मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन (Dilution) का खतरा भी है, जिसका मतलब है कि उनकी हिस्सेदारी कम हो सकती है।
आगे की राह
भोगापुरम एयरपोर्ट की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह कितनी जल्दी यात्रियों और कार्गो ट्रैफिक को आकर्षित कर पाता है। कंपनी के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह पुराने एयरपोर्ट से नए एयरपोर्ट में बदलाव को कितनी कुशलता से संभालती है और क्या वह हालिया तिमाही में देखे गए बेहतर मुनाफे को बनाए रख पाती है। फंड जुटाने की योजना और कंपनी के कर्ज के ढांचे पर इसका असर, निवेशकों के लिए आगे की राह तय करेगा।
