GMR Airports ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में 121 मिलियन से अधिक यात्रियों को संभालकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह पूरे साल का एक मज़बूत प्रदर्शन रहा, जो कंपनी की अंतर्निहित नेटवर्क क्षमता को दर्शाता है।
Q4 में क्यों आई सुस्ती?
हालांकि, साल की आखिरी तिमाही (Q4 FY26) में वृद्धि की गति धीमी रही। इस अवधि में पैसेंजर वॉल्यूम साल-दर-साल (YoY) आधार पर केवल 0.9% बढ़ा, जो कुल 32 मिलियन रहा। डोमेस्टिक ट्रैफिक में 1.6% की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि इंटरनेशनल ट्रैफिक 1.3% घट गया।
इस धीमी गति के कई कारण थे। फरवरी 2026 के अंत से मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनावों ने फ्लाइट शेड्यूल को प्रभावित किया। इसके अतिरिक्त, दिल्ली एयरपोर्ट पर आवश्यक रनवे अपग्रेड (जो सितंबर 2025 में पूरा हुआ) और अक्टूबर 2025 में टर्मिनल 2 के चालू होने के कारण क्षमता सीमित हो गई थी। इन परिचालन बाधाओं का असर जनवरी-मार्च 2026 की अवधि में पैसेंजर नंबर्स पर पड़ा।
इन चुनौतियों के बावजूद, दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक मूवमेंट्स (ATMs) और कार्गो वॉल्यूम दोनों ने पूरे साल रिकॉर्ड स्तर दर्ज किए, और हैदराबाद एयरपोर्ट का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा।
इस तिमाही के नतीजों के बावजूद, GMR Airports का शेयर 15 अप्रैल 2026 को 4.54% की तेज़ी के साथ ₹99.24 पर बंद हुआ। BSE और NSE पर लगभग 21.55 मिलियन शेयर्स का कारोबार हुआ।
भविष्य की उम्मीदें: भोंगपुरम एयरपोर्ट प्रोजेक्ट
कंपनी के लिए एक मज़बूत पॉजिटिव संकेत GMR Visakhapatnam International Airport Ltd. द्वारा विकसित किया जा रहा ग्रीनफील्ड भोंगपुरम एयरपोर्ट प्रोजेक्ट है। यह प्रोजेक्ट 30 जून 2026 तक पूरा होने की राह पर है।
31 मार्च 2026 तक, प्रोजेक्ट की कुल प्रगति 98.7% थी, जिसमें एयरसाइड का काम लगभग 100% पूरा हो चुका था और टर्मिनल बिल्डिंग 98.8% तक पहुँच गई थी।
विश्लेषकों का भरोसा
बाज़ार के विश्लेषक भी GMR Airports के भविष्य को लेकर सकारात्मक दिख रहे हैं। सात प्रमुख एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर "स्ट्रॉन्ग बाय" (Strong Buy) की रेटिंग दी है।
उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹114.57 है, जो मौजूदा शेयर मूल्य से 20.70% के संभावित अपसाइड का संकेत देता है। यह भविष्य की ग्रोथ की संभावनाओं पर एक मज़बूत भरोसा दिखाता है।
चुनौतियाँ और जोखिम
रिकॉर्ड वार्षिक ट्रैफिक और एनालिस्ट्स के उत्साहित अनुमानों के बावजूद, उद्योग और कंपनी के सामने कुछ महत्वपूर्ण जोखिम बने हुए हैं।
भारतीय एविएशन सेक्टर बढ़ती फ्यूल कॉस्ट और डेप्रिशिएटिंग रुपये के कारण फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY2026) में ₹17,000–18,000 करोड़ का भारी नुकसान झेलने की उम्मीद है। इसी के चलते, ICRA ने इंडस्ट्री के लिए "नेगेटिव" आउटलुक जारी किया है।
GMR Airports के फाइनेंशियल वैल्यूएशन पर भी सवाल हैं; कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इसके प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो -501.11 से 0.00 तक नकारात्मक या अविश्वसनीय रहे हैं।
कंपनी के 10-साल के फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर, एक एनालिसिस में इसे "बिलो एवरेज क्वालिटी कंपनी" करार दिया गया है, और प्रमोटर स्टेक प्लेज का भी ज़्यादा जोखिम बताया गया है।
FY2026 के लिए डोमेस्टिक ट्रैफिक ग्रोथ का सिर्फ 0-3% अनुमान, एयरलाइंस के साथ-साथ एयरपोर्ट ऑपरेटर्स के लिए भी चुनौतियाँ बढ़ा सकता है।
हालांकि शेयर में इंट्राडे तेज़ी देखी गई, लेकिन टेक्निकल इंडिकेटर्स के अनुसार, बुलिश मोमेंटम की पुष्टि होने तक सावधानी बरतना ज़रूरी है।