Bhogapuram Airport: 5 साल में 60 लाख पैसेंजर्स का लक्ष्य, GMR Group की बड़ी तैयारी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bhogapuram Airport: 5 साल में 60 लाख पैसेंजर्स का लक्ष्य, GMR Group की बड़ी तैयारी

GMR Group का नया एयरपोर्ट, Alluri Sita Ramaraju International Airport, अगले 5 साल में 60 लाख पैसेंजर्स को संभालने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। 17 अगस्त से कमर्शियल उड़ानें शुरू होंगी, जिसका मकसद उत्तरी आंध्र प्रदेश में बढ़ते ट्रैफिक और फार्मा लॉजिस्टिक्स की मांग को पूरा करना है।

5 साल में 60 लाख पैसेंजर्स का लक्ष्य

भोगीपुरम में बना नया Alluri Sita Ramaraju International Airport, 17 अगस्त 2026 से अपनी कमर्शियल उड़ानें शुरू करने के लिए तैयार है। GMR Group, जो इस एयरपोर्ट को ऑपरेट करेगा, का अनुमान है कि अगले 4 से 5 सालों में यह एयरपोर्ट सालाना 60 लाख (6 मिलियन) पैसेंजर्स को संभालने की अपनी शुरुआती क्षमता तक पहुंच जाएगा। यह अनुमान विशाखापत्तनम क्षेत्र में औद्योगिक, पर्यटन और कार्गो गतिविधियों में बढ़ोतरी की उम्मीदों पर आधारित है।

स्ट्रेटेजिक विस्तार और कार्गो पर फोकस

इस एयरपोर्ट को भविष्य में 40 मिलियन पैसेंजर्स तक की क्षमता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, जैसे ही सालाना पैसेंजर ट्रैफिक 5 मिलियन के आंकड़े को पार करेगा, विस्तार के दूसरे चरण की शुरुआत की जाएगी। पैसेंजर सेवाओं के अलावा, यह एयरपोर्ट एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी काम करेगा। यहाँ 5,000 स्क्वायर मीटर का कार्गो टर्मिनल है, जिसकी सालाना 25,000 टन माल संभालने की क्षमता है। इसके साथ ही, कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर भी मौजूद है। इसका खास मकसद आसपास के इलाकों के लिए अहम इंडस्ट्रीज, जैसे फार्मास्यूटिकल्स, समुद्री भोजन और खराब होने वाले सामानों के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना है।

ऑपरेशनल बदलाव और इंफ्रास्ट्रक्चर

17 अगस्त से, वर्तमान में विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर होने वाली सभी उड़ानें नए भोगीपुरम साइट पर शिफ्ट हो जाएंगी। इस प्रोजेक्ट में 500 एकड़ में फैला हुआ एक इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान शामिल है, जिसमें एक 'एरोसिटी', एक रेजिडेंशियल टाउनशिप और एक एविएशन हब भी है। इस हब का उद्देश्य एविएशन से जुड़ी इंडस्ट्रीज, जैसे मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सेवाओं को सपोर्ट करना है। एयरपोर्ट में AI-संचालित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर और तेज हवाओं सहित गंभीर तटीय मौसम की स्थिति का सामना करने के लिए डिज़ाइन किए गए स्ट्रक्चरल रीइन्फोर्समेंट भी शामिल हैं।

निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

निवेशकों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि ट्रैफिक ग्रोथ की वास्तविक रफ्तार क्या रहती है और पुराने एयरपोर्ट से ऑपरेशंस का माइग्रेशन कितनी कुशलता से होता है। बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में अक्सर लागत बढ़ने और पूरी क्षमता का उपयोग करने में लगने वाले समय से जुड़े जोखिम होते हैं। इसके अलावा, लंबी अवधि के रेवेन्यू के लिए कंपनी की क्षमता, क्षेत्रीय ट्रांजिट पॉइंट्स को बायपास करते हुए अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को आकर्षित करने पर निर्भर करेगी। निवेशक एसोसिएटेड कमर्शियल और रेजिडेंशियल ज़ोन्स के ऑक्यूपेंसी लेवल पर भी नज़र रख सकते हैं, क्योंकि इन डेवलपमेंट्स से एयरपोर्ट ऑपरेटर के लिए सेकेंडरी इनकम स्ट्रीम बनाने का इरादा है। प्रोजेक्ट की लंबी अवधि की सफलता उत्तरी आंध्र के इकोनॉमिक कॉरिडोर से लगातार मांग और क्षमता बढ़ने के साथ-साथ कंपनी की एफिशिएंट ऑपरेशनल मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.