Gateway Distriparks (GDL) और Snowman Logistics, दोनों कंपनियों को हालिया अर्निंग्स कॉल (Earnings Call) के दौरान निवेशकों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। मुख्य चिंताएं कंपनी पर चल रहे कई टैक्स विवादों और Snowman Logistics के वेयरहाउसिंग EBIT मार्जिन में भारी गिरावट को लेकर थीं, जो ऐतिहासिक 15-20% से लुढ़ककर 3% से भी नीचे आ गए।
मैनेजमेंट ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि टैक्स से जुड़े मुद्दों पर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि इनमें से कई दिक्कतें इंडस्ट्री-व्यापी हैं और 'विवाद से विश्वास' (Vivad Se Vishwas) जैसी एमनेस्टी स्कीम (Amnesty Scheme) के तहत मामूली भुगतान करके सुलझाई जा रही हैं। वहीं, जहां कंपनी को लगता है कि उनका पक्ष मजबूत है, वे उन विवादों पर केस लड़ेंगी। जयपुर में जमीन अधिग्रहण से जुड़ा एक खास मामला, जिसे 'बेनामी' (Benami) विवाद बताया गया, उसे एक बार की घटना करार दिया गया और भविष्य में इंदौर पिथमपुर जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए कड़ी ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) का वादा किया गया।
Snowman Logistics के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय इसके वेयरहाउसिंग EBIT मार्जिन का 3% से भी नीचे आना था। CEO श्री पद्मदीप सिंह हंडा ने बताया कि यह रणनीतिक बदलाव के कारण हुआ है, जिसमें कंपनी ने कम मार्जिन वाले चिल्ड (Chilled) और ड्राई (Dry) वेयरहाउसिंग सेगमेंट की ओर रुख किया है, साथ ही 'पार्क एंड पे' (Park & Pay) मॉडल भी लागू किया है। हालांकि, ड्राई स्टोरेज के मार्जिन में क्रमिक सुधार दिख रहा है और यह कुल EBITDA में योगदान दे रहा है। कंपनी ग्राहक निष्ठा (customer loyalty) बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और 2029 तक अपनी कुल वेयरहाउसिंग क्षमता को 155,000 से बढ़ाकर 200,000 करने की योजना बना रही है। इसके लिए कृष्णापटनम, कोलकाता और पुणे में नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कंपनी अपने मुनाफे को ग्रोथ के लिए री-इन्वेस्ट कर रही है, जिससे डेप्रिसिएशन (Depreciation) और इंटरेस्ट कॉस्ट (Interest Cost) बढ़ रहे हैं, हालांकि कैश फ्लो जनरेशन (Cash Flow Generation) स्वस्थ बना हुआ है।
दूसरी ओर, Gateway Distriparks अपनी लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। कंपनी ने तीन नई हाई-कैपेसिटी, हाई-स्पीड वैगन (High-Capacity, High-Speed Wagons) का ऑर्डर दिया है, जिससे मई 2026 तक कुल रेक काउंट (Rake Count) 37 हो जाएगा। वहीं, महत्वाकांक्षी इंदौर पिथमपुर ICD प्रोजेक्ट अगले दो साल में शुरू होने की उम्मीद है, जिसकी क्षमता 120,000 TEUs होगी। मैनेजमेंट को अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के ट्रेड डील्स (Trade Deals) से एक्सपोर्ट वॉल्यूम (Export Volumes) में वृद्धि की उम्मीद है। DFC (Dedicated Freight Corridor) का JNPT तक फाइनल कनेक्शन मार्च 2026 तक पूरा हो सकता है, जिससे रेल टर्मिनल (Rail Terminals) की क्षमता चार गुना होने के साथ ही पोर्ट की ओर वॉल्यूम शिफ्ट हो सकते हैं।
आगे चलकर, सबसे बड़े जोखिम टैक्स विवाद बने हुए हैं, जिनसे अप्रत्याशित लायबिलिटी (Liabilities) उत्पन्न हो सकती हैं। Snowman के मार्जिन का गिरना भी उसकी प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के लिए एक बड़ी चुनौती है, भले ही कंपनी कैपेसिटी बढ़ा रही हो। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए कोई खास रेवेन्यू गाइडेंस (Revenue Guidance) नहीं दी है, सिवाय इसके कि वे 'वर्तमान प्रतिशत मार्जिन बनाए रखेंगे और वॉल्यूम मिक्स में बदलाव के अनुकूल होंगे', जिससे स्थिति की स्पष्टता सीमित है। Gateway Distriparks ने एक स्पेशल डिविडेंड (Special Dividend) की घोषणा की है, और Snowman का डेट (Debt) एकीकृत करने से पहले यह कुछ समय के लिए कंसोलिडेटेड डेट-फ्री (Consolidated Debt-Free) हो गई थी। दिसंबर 2025 तक, GDL के पास लगभग ₹140 करोड़ कैश था, जबकि ग्रॉस डेट (Gross Debt) (Snowman को छोड़कर) ₹200 करोड़ था। निवेशकों की निगाहें टैक्स मामलों के समाधान और Snowman में मार्जिन रिकवरी या स्थिरीकरण के सबूतों पर टिकी रहेंगी।